Badrinath: बद्रीनाथ का 5 अंक से अद्भुत संयोग, 90% लोग नहीं जानते होंगे ये रहस्य

बद्रीनाथ
पंच-बदरी का महत्व – बदरी विशाल के साथ योग बदरी, भविष्य बदरी, वृद्ध बदरी और ध्यान बदरी मिलकर पंच-बदरी कहलाते हैं.
बदरीश पंचायत – बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान नारायण के साथ उद्धव, कुबेर, नर-नारायण और नारद विराजमान हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से बदरीश पंचायत कहा जाता है.
पांच पवित्र शिलाएं – नारदी, नरसिंही, वाराही, गरुड़ी और मार्कण्डेय शिलाएं बदरी पुरी की पंच दिव्य शिलाएं मानी जाती हैं.
कपाट बंद होने की पंच-दिवसीय परंपरा – बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से पहले पांच दिनों तक विशेष धार्मिक प्रक्रिया और पूजा संपन्न होती है.
माणा गांव की पांच कन्याएं – विजयादशमी के बाद माणा गांव की पांच कुंवारी कन्याएं भगवान बदरी विशाल के लिए ऊन का पवित्र कंबल बुनती हैं.
धाम की पंच पवित्र धाराएं – प्रह्लाद धारा, कूर्म धारा, उर्वशी धारा, भृगु धारा और इंद्र धारा बदरीनाथ की पांच प्रमुख धार्मिक धाराएं हैं. इसके अलावा पांच दिव्य कुंड – नारद कुंड, तप्त कुंड, सप्त कुंड, कूर्म कुंड और मानुष कुंड बदरीनाथ धाम के पांच पवित्र कुंड माने जाते हैं.