अमेरिका-ईरान टकराव के बीच वायरल हुई बाबा वेंगा की भविष्यवाणी, सोशल मीडिया पर मचा बवाल!

वर्ल्ड वॉर 3 के लिए बाबा वंगा की भविष्यवाणी
बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच बाबा वेंगा की तीसरे विश्व युद्ध की भविष्यवाणियां एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी है. खासकर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच हाल की मिलिट्री कार्रवाइयों के बाद. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे दावों की बाढ़ आ गई है कि, बुल्गारिया की रहस्यवादी और भविष्यवक्ता ने 2020 के दशक के बीच एक खतरनाक गोलबल वॉर की भविष्यवाणी की थी.
ताजा तनाव तब और बढ़ गया जब हाल में खबर आई कि, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के अंदर हमले किए. ईरानी मीडिया ने दावा करते हुए बताया कि, हमले तेहरान में जरूरी सरकारी जगहों के पास हुए. दावा किया जा रहा है कि, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत परिवार के 4 सदस्यों की मौत हो चुकी है. वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को बड़ा लड़ाकू ऑपरेशन बताते हुए आरोप लगाया कि, ईरान अपनी न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहा है. जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में कुछ जगहों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की, जिससे बड़े इलाके में टकराव का भय बढ़ गया.
वही रूस ने यूएस-इजराइल एक्सन की कड़े शब्दों में निंदा की है, उन्होंने वॉशिंगटन और तेल अवीव पर मिडिल ईस्ट को बेकाबू तनाव की ओर धकेलने का भी आरोप लगाया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि, सैन्य तनाव बढ़ता गया तो मानवीय, आर्थिक और यहां तक कि रेडियोलॉजिकल खतरे भी बढ़ सकते हैं. रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेरयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने यूएस पर तानाशाह की आलोचना और वॉशिंगटन की लंबे वक्त की स्ट्रैटेजी पर सवाल खड़े किए हैं.
इसके साथ ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी तनाव बढ़ता देखा जा सकता है. पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर तक आर्टिलरी और एयर स्ट्राइक किए, जिसे उसने बॉर्डर पार से हमला बताया. इस्लामाबाद ने झड़पें तेज होने के बाद ओपन वॉर का ऐलान कर दिया है, जबकि काबुल ने मरने वालों की संख्या पर सवाल उठाया और पाकिस्तान पर आम लोगों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया. इस लड़ाई ने पहले से ही कमजोर इलाके की सुरक्षा में एक गंभीर मोड़ ला दिया है.
इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है और मॉस्को खार्किव और जापोरिझिझिया इलाकों में नए इलाकों पर दावा कर रहा है. जानकारी के मुताबिक रूसी अधिकारियों को यूएस के नेतृ्त्व वाली शांति बातचीत को आगे बढ़ाने में कोई खास फायदा नहीं दिखाई दे रहा है, जब तक कि यूक्रेन इलाका छोड़ने के लिए तैयार न हो जाए. आने वाली डिप्लोमैटिक बातचीत से यह तय होगा कि, लंबे समय से चल रहा झगड़ा कम होगा या गहरा होगा.
कई लड़ाइयों के खतरनाक मोड़ पर एक साथ आने के बावजूद दुनिया भर में हो रहे विकास अभी तक पूरे तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात में नहीं बदले हैं. हालांकि एक ही समय में इलाकों में दुश्मनी बढ़ना डिप्लोमैटिक बातचीत और झगड़े सुलझाने की अवश्यकता को दिखाता है. एनालिस्ट चेतावनी देते हैं कि, भले ही भविष्यवाणी वाली चेतावनियों लोगों का ध्यान खींचे, लेकिन असली ध्यान लड़ाई को और बढ़ने से रोकने और जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी बनाए रखने पर जोर देना चाहिए.