Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में ‘राम की पैड़ी’ का इतिहास जानकर हैरान रह जाएंगे, कैसे पड़ा ये नाम जानें
अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली है. त्रेतायुग में भगवान विष्णु ने राम के रूप में यहां अवतार लिया था. अयोध्या में राम मंदिर के अलावा राम की पैड़ी भी प्रसिद्ध स्थान है, जहां एक नियमित समय में स्नान करने से व्यक्ति के जन्मों का पाप धुल जाते हैं.
राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रंखला है. पौराणिक मान्यता है कि श्रीराम इसी पैड़ी से होकर सरयू में स्नान करने जाते थे.
राम की पैड़ी को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलित है, कहा जाता है कि एक बार जब लक्ष्मण जी ने सभी तीर्थों में दर्शन करने का मन बनाया तो श्रीराम ने अयोध्या में सरयू किनारे तट पर खड़े होकर कहा कि जो व्यक्ति सूर्योदय से पूर्व इस स्थल पर सरयू में स्नान करेगा. उसे समस्त तीर्थ में दर्शन करने के समान पुण्य प्राप्त होगा.
माना जाता है कि सरयू के जिस तट पर श्रीराम ने ये बात कही वहीं आज राम के पैड़ी के नाम से प्रसिद्ध है. यही वजह है कि पूर्णिमा पर यहां स्नान का विशेष महत्व है.
राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को होगा.15 जनवरी को रामलला के बालरूप की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. 16 जनवरी से विग्रह के अधिवास का अनुष्ठान भी शुरू हो जाएंगे