Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में बना रामलला का भव्य मंदिर, लेकिन नगर की शोभा बढ़ाने में इन मंदिरों की भी अहम भूमिका
प्राचीनकाल से अयोध्या नगरी का धार्मिक महत्व रहा है. स्कंद पुराण में तो अयोध्या को ब्रह्मा, विष्णु और शंकर का पवित्र स्थल कहा गया है. मान्यता है कि अयोध्या नगरी श्रीहरि के सुदर्शन चक्र पर बसी है. वाल्मीकि ने भी अयोध्या को पवित्र नगरी कहा है. वहीं अयोध्या को अथर्ववेद में देवताओं का स्वर्ग बताया गया है.
अयोध्या में इस समय हर किसी की नजरें टिकी हैं और सभी अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसके लिए 22 जनवरी 2024 की तारीख तय की गई है. लेकिन केवल राम मंदिर ही नहीं बल्कि अयोध्या में ऐसे कई मंदिर हैं जो धार्मिक रूप से अयोध्या को पवित्र नगरी बनाने और इसकी शोभा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. जानते हैं इन मंदिरों के बारे में.
हनुमान गढ़ी: भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पवित्र नगरी अयोध्या में स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर बहुत प्रसिद्ध है. अयोध्या में राम जन्मभूमि के दर्शन से पूर्व इस मंदिर में हनुमान जी का दर्शन करना अनिवार्य होता है.
कनक भवन: रामनगरी अयोध्या से श्रीकृष्ण का भी गहरा नाता रहा है. कहा जाता है कि, उन्होंने रामभक्तों की शीर्ष पीठ कनक भवन का जीर्णोद्धार भी कराया था. यहां भगवान राम और माता सीता की सोने की मुकुट वाली मूर्ति स्थापित है.
नागेश्वर नाथ: अयोध्या में ही नागेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर भी है. यह मंदिर विक्रमादित्य के काल से पहले से यहां है. अयोध्या में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है.
राघवजी मंदिर: अयोध्या नगरी में स्थित भगवान राम का यह मंदिर बहुत प्राचीन है. भक्त सरयू जी में स्नान करने के बाद यहां दर्शन के लिए आते हैं.