बिहार चुनाव में ध्रुवीकरण के लिए अमित शाह-ओवैसी के बीच हुआ था समझौता: पूर्व बीजेपी विधायक

आप (आम आदमी पार्टी) में शामिल होने की तैयारी कर रहे बीजेपी (भरातीय जनता पार्टी) के पूर्व विधायक यतीन ओझा ने दावा किया कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के मुस्लिम बहुल उत्तरी पट्टी में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए एक बैठक के दौरान ‘समझौता’ हुआ था. इसे लेकर आप और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.
वहीं आप के नेता संजय सिंह ने कहा कि ओझा के दावों ने ‘इस धारणा को स्थापित किया है कि बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच मिलीभगत है, जो घृणा की राजनीति में लिप्त होने के साथ ही समाज में सौहार्द बिगाड़ते हैं ताकि राजनीतिक ध्रुवीकरण किया जा सके. इन खुलासों की प्रकृति बहुत गंभीर है.’ उन्होंने कहा, ‘‘आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और अमित शाह से इस मामले पर तत्काल स्पष्टीकरण की मांग करती है.’’ बिहार चुनाव में जदयू-राजद-कांग्रेस के गठबंधन को 243 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 178 सीटें मिली थीं जबकि बीजेपी नीत एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) को केवल 58 सीटें ही हासिल हुई थीं. एआईएमआईएम ने सीमांचल क्षेत्र के चार जिलों अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार से चुनाव लड़ा था लेकिन उसकी झोली खाली ही रही थी.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हैदराबाद से पकड़े गए आईएस के संदिग्ध आतंकवादियों को कानूनी मदद देने का ओवैसी का ताजा बयान भी ‘उसी रणनीति का हिस्सा लगता है.’ गुजरात हाई कोर्ट में वकील ओझा ने मीडिया के सामने पत्र पढ़ते हुए कहा, ‘‘उस बैठक में मै भी मौजूद था. उसमें विस्तार से चर्चा हुई और इस बात पर सहमति बनी कि ओवैसी बिहार में अपने उम्मीदवार उतारेंगे खासकर उन मुस्लिम इलाकों में जहां पांच नवंबर (अंतिम चरण) में मतदान होना था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में यह तय हुआ था कि ओवैसी जहरीला सांप्रदायिक भाषण देंगे और उसकी पटकथा अमित शाह लिखेंगे जिसमें समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की क्षमता हो.’’
बीजेपी की गुजरात इकाई के मीडिया प्रभारी ने इस आरोप को ‘मीडिया का ध्यान खींचने का एक प्रयास’ करार देते हुए खारिज कर दिया. वहीं आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘यदि यह सही है तो यह बीजेपी-मोदी-शाह का असली चेहरा उजागर करता है. ओझा ने बीते चार जुलाई को केजरीवाल को भेजे एक पत्र में दावा किया है कि 15 सितंबर, 2015 को शाह के निवास पर हुई बैठक में वह खुद भी मौजूद थे. ओझा ने दावा किया कि बैठक में यह तय हुआ था कि ‘‘ओवैसी जहरीला सांप्रदायिक भाषण देंगे और यह भाषण अमित शाह लिखेंगे.’’ उन्होंने यह साफ नहीं किया कि बैठक शाह के गुजरात आवास पर हुई थी या दिल्ली में हुई थी.
आप (आम आदमी पार्टी) में शामिल होने की तैयारी कर रहे बीजेपी (भरातीय जनता पार्टी) के पूर्व विधायक यतीन ओझा ने दावा किया कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के मुस्लिम बहुल उत्तरी पट्टी में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के लिए एक बैठक के दौरान ‘समझौता’ हुआ था. इसे लेकर आप और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.