ये राम फल क्या होता है? इसकी खेती से किसान कमा रहे हैं तगड़ा मुनाफा
भारत में इस फल के कई नाम हैं. कोई इसे राम फल कहता है तो कोई इसे सीता फल कहता है. हालांकि, ज्यादातर लोग इसे शरीफा के नाम से जानते हैं. ये खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है और शरीर के लिए बेहद फायदेमंद भी होता है.
रामफल के पौधे ऐसे तो सभी प्रकार के भूमि में पनप जाते हैं, लेकिन अच्छी जल निकास वाली दोमट मिट्टी इसकी पैदावार के लिये उपयुक्त होती है. कमजोर एवं पथरीली भूमि में भी इसकी पैदावार बेहतर होती है.
कृषि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि शरीफा की खेती के लिए भूमि का पी.एच.मान 5.5 से 6.5 के बीच अच्छा माना जाता है. वहीं इसके पौधे के लिये गर्म और शुष्क जलवायु वाला क्षेत्र बेहतर माना जाता है.
खासतौर से डायबिटीज के मरीजों के लिए रामफल सबसे बेहतर होता है. कहते हैं कि रामफल एक हाइपर-लोकल फल है, जो डायबिटीज के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें ब्लड ग्लूकोज को कम करने वाले गुण होते हैं.
बाजार में रामफल की कीमत 60 से 70 रुपये किलो के आसपास होती है. यानी अगर आप इसकी खेती एक से दो एकड़ में करें तो हर साल अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
आपको बता दें, रामफल जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए औषधि के रूप में काम करता है. ये शरीर में मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से लड़ने में सहायता करता है.