ये हरे दाने आपको मालामाल बना देंगे, जानिए कैसे होती है इनकी खेती
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की गाइड़लाइंस के मुताबिक यह समय मूंग की खेती करने के लिये अच्छा है. दरअसल, मूंग एक प्रमुख दलहनी फसल है जिसकी खेती राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा और तमिलनाडु जैसे प्रदेशों में प्रमुखता से की जाती है.
जो भी किसान इस सीजन में मूंग की फसल लगाना चाहते हैं, उन्हें अपने खेतों में 2-3 बार वर्षा पड़ने पर गहरी जुताई का काम कर लेना चाहिए. इससे होता ये है कि मिट्टी में छिपे कीड़े बाहर निकल जाते है और खरपतवार भी नष्ट हो जाता है.
इसके साथ ही किसान ध्यान रखें कि गहरी जुताई करने के बाद खेत में पाटा चलाकर उसे समतल जरूर कर लें. इसके बाद खेत में गोबर की खाद और जरुरी पोषक तत्व भी मिला लें ताकि इससे अच्छा उत्पादन हासिल हो सके.
आपको बता दें, जून के आखिरी सप्ताह से लेकर जुलाई तक किसान मूंग की बुआई कर सकते हैं. बुआई के लिये किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीजों का चयन करना चाहिए, ऐसा करने से अच्छी फसल में कीड़े और बीमारियां लगने की संभावना कम हो जाती है.
ध्यान दें कि खेत में मूंग के बीज बोने से पहले उनका बीजशोधन जरूर कर लें, इससे स्वस्थ और रोगमुक्त फसल होगी. वहीं मूंग के बीजों को कतारों में बोयें, जिससे निराई-गुड़ाई करने में आसानी रहेगी और खरपतवार आराम से निकाले जा सकेंगे.
दरअसल, खरीफ मूंग की फसल कम समय में पकने वाली फसल है और ये आमतौर पर 65-70 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. जून-जुलाई के बीच बोई गई ये फसल सिंतबर से अक्टूबर के बीच पककर तैयार हो जाती है.