पानी की कम खपत से लेकर खेत की उर्वरता बढ़ाने तक दलहन की पैदावार है बेहद खास, जान लें

अगर आप किसान हैं और आपका क्षेत्र भी ऐसी जगह है जहां पानी की कमी है तो ये खबर आपके बेहद काम की है. आज हम आपको ऐसी फसल के बारे में जानकारी देंगे जिसे पानी की बेहद कम जरूरत होती है. इसके अलावा वह भूमि उर्वरता को भी बढ़ावा देती है.
दलहनें, जैसे चना, मूंग, मसूर, उड़द आदि, सूखा प्रतिरोधी होती हैं और कम पानी में भी अच्छी तरह से उग सकती हैं.
अगर किसान भाई का इलाके में पानी की समस्या है तो वह दलहन की फसल उगा सकते हैं. इस फसल में किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा. साथ ही इसमें लागत भी कम आती है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो दालों की खेती से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है और फसल काटने के बाद जो अवशेष बचता है उससे मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है. साथ ही साथ इसकी खेती में पानी की खपत भी कम होती है.
जहां सिंचाई व्यवस्था हो वहां के किसान भाई फूल आने और फल बनने पर हल्की सिंचाई करें. इससे अरहर की उपज बढ़ती है.
खरपतवार नियंत्रण के लिए 20-25 दिन में पहली निराई-गुड़ाई करें और फूल आने से पहले दोबारा निराई- गुड़ाई करें. इससे खरपतवार खत्म होते हैं, पौधे पोषक तत्व आसानी से ग्रहण करते हैं.