घर पर इन 3 आसान तरीकों से तैयार करें ऑर्गेनिक खाद, लहलहाते दिखेंगे खेत

आजकल खेतों में अंधाधुंध केमिकल खादों के इस्तेमाल से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति लगातार कम होती जा रही है. ऐसे में देश के तमाम प्रगतिशील किसान अब अपनी मिट्टी को बचाने के लिए जैविक खेती का रुख कर रहे हैं. आप भी बहुत आसानी से बिना कोई बड़ा खर्च किए अपने घर पर ही बेहतरीन ऑर्गेनिक कंपोस्ट तैयार कर सकते हैं.
घर पर खाद बनाने का सबसे फेमस तरीका है पारंपरिक कंपोस्टिंग. इसके लिए आपको अपने घर की रसोई से निकलने वाले गीले कचरे जैसे सब्जी-फलों के छिलके बची हुई चायपत्ती और सूखे पत्तों को एक बड़े गड्ढे या कंटेनर में इकट्ठा करना होता है.
इस कचरे को गड्ढे में डालने के बाद ऊपर से थोड़ी सी मिट्टी और पानी छिड़ककर इसे ढक दिया जाता है. करीब दो से तीन महीने के भीतर हवा और प्राकृतिक बैक्टीरिया की मदद से यह सारा कचरा पूरी तरह गल जाता है. इसके बाद जो गाढ़ी और पोषक तत्वों से भरपूर ऑर्गेनिक खाद तैयार होती है वह फसल को अच्छा पोषण देती है.
दूसरा सबसे असरदार तरीका है वर्मीकंपोस्टिंग यानी केंचुआ खाद बनाना, जिसे खेती के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है. इसे बनाने के लिए एक छायादार जगह पर बेड तैयार करके उसमें गोबर और सूखी पत्तियां डाली जाती हैं. फिर इस पूरे ढेर में केंचुओं की कुछ खास प्रजातियों को छोड़ दिया जाता है जो इसे खाते हैं.
केंचुए इस पूरे गोबर और कचरे को खाकर उसे बेहद महीन और चायपत्ती जैसी चायदार जैविक खाद में बदल देते हैं. इस वर्मीकंपोस्ट में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी तत्व बहुत भारी मात्रा में पाए जाते हैं. केंचुआ खाद के इस्तेमाल से फसलों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है और पैदावार भी सुधरती है.
तीसरा और सबसे आसान देसी तरीका है सूखी पत्तियों और गोबर का मिश्रण तैयार करना. अगर आपके पास केंचुए नहीं हैं. तो आप सिर्फ पुरानी गोबर की खाद और पेड़ों से गिरी सूखी पत्तियों को आपस में मिलाकर एक ढेर बना सकते हैं. इसमें थोड़ा सा पानी डालकर इसे कुछ हफ्तों के लिए सड़ने दें.
यह तीनों ही तरीके इतने आसान और सस्ते हैं कि आपका बाजार का महंगा केमिकल का खर्च पूरी तरह बच जाता है. इन ऑर्गेनिक खादों के इस्तेमाल से मिट्टी में नमी रोकने की क्षमता बढ़ती है और पौधे नैचुरली मजबूत बनते हैं. इस देसी तकनीक को अपनाकर आप अपने खेतों को हमेशा हरा-भरा और लहलहाता रख सकते हैं.