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क्या आप भी गार्डन में कर रहे हैं ओवर-मल्चिंग? जानें पौधों को दम घुटने से बचाने का आसान तरीका

नीलेश ओझा   |  27 May 2026 06:17 PM (IST)
क्या आप भी गार्डन में कर रहे हैं ओवर-मल्चिंग? जानें पौधों को दम घुटने से बचाने का आसान तरीका

गार्डन को सुंदर और पौधों को हेल्दी रखने के लिए मल्चिंग करना एक बहुत ही पॉपुलर और असरदार तरीका माना जाता है. मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवार को रोकने में यह तकनीक कमाल का काम करती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी भी चीज की अति हमेशा भारी नुकसान पहुंचाती है और यही नियम मल्चिंग पर भी लागू होता है.

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आजकल कई लोग जोश-जोश में आकर अपने गार्डन के पौधों के आस-पास जरूरत से ज्यादा मल्चिंग कर देते हैं. जिसे एक्सपर्ट्स ओवर-मल्चिंग कहते हैं. पौधों की भलाई के लिए की गई यह मेहनत कई बार उनके लिए जानलेवा साबित हो जाती है. हद से ज्यादा मल्चिंग करने से मिट्टी को हवा नहीं मिल पाती और धीरे-धीरे पौधों का दम घुटने लगता है.

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ओवर-मल्चिंग का सबसे पहला और बड़ा नुकसान यह होता है कि यह मिट्टी में ऑक्सीजन के फ्लो को पूरी तरह से ब्लॉक कर देता है. जब पौधों की जड़ों तक ताजी हवा नहीं पहुंच पाती तो उनकी ग्रोथ एकदम रुक जाती है. ऑक्सीजन की कमी के कारण जड़ें अंदर ही अंदर कमजोर होने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे पीला पड़ने लगता है.

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हद से ज्यादा मल्चिंग की वजह से पौधों की जड़ों के पास जरूरत से ज्यादा नमी जमा होने लगती है. जो बिल्कुल भी ठीक नहीं है. यह एक्स्ट्रा नमी फंगस, कीड़े-मकोड़ों और हानिकारक बैक्टीरिया के लिए एक परफेक्ट ब्रीडिंग ग्राउंड बन जाती है. इसके कारण जड़ों में सड़न यानी रूट रॉट की बीमारी हो जाती है जिससे हरा-भरा पौधा भी अचानक सूख जाता है.

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एक और बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं वह है मल्चिंग की लेयर को सीधे पेड़ या पौधे के तने से सटाकर रख देना. ऐसा करने से तने के पास लगातार नमी बनी रहती है. जिससे तने की छाल सड़ने लगती है. इस सड़न की वजह से पौधे को मिट्टी से मिलने वाले जरूरी न्यूट्रिएंट्स ऊपर तक नहीं पहुंच पाते और पौधा डैमेज हो जाता है.

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सर्दियों और बरसात के मौसम में ओवर-मल्चिंग का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान धूप कम निकलती है. मिट्टी के ऊपर बनी मल्च की मोटी परत पानी को बिल्कुल भी सूखने नहीं देती. जिससे गमले या क्यारी का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है. ऐसे में पौधे को बचाना गार्डनर्स के लिए सबसे मुश्किल काम बन जाता है.

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इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपने गार्डन में मल्चिंग की मोटाई सिर्फ 2 से 3 इंच तक ही सीमित रखें. इसके साथ ही मल्चिंग करते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि वह पौधों के मुख्य तने से कम से कम दो इंच दूर हो. इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप अपने गार्डन को सेफ रख सकते हैं.

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