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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से किसानों भाइयों को क्या नुकसान, अब कौन-से काम करने में होगी दिक्कत?

नीलेश ओझा   |  02 Apr 2026 01:12 PM (IST)
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से किसानों भाइयों को क्या नुकसान, अब कौन-से काम करने में होगी दिक्कत?

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग ने ग्लोबल मार्केट का पूरा माहौल खराब कर दिया है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से भारत में प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतें रॉकेट बन गई हैं.

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डीजल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर खेती की लागत यानी इनपुट कॉस्ट को बढ़ा देती हैं. ट्रैक्टर से जुताई करना हो या थ्रेशर चलाना, हर मशीन को चलाने के लिए अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. किसान भाइयों के लिए यह दोहरी मार जैसा है क्योंकि डीजल महंगा होने से प्रति एकड़ खेती का खर्चा काफी बढ़ गया है.

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इस महंगाई की वजह से अब किसानों को सिंचाई के काम में सबसे ज्यादा दिक्कत होने वाली है. जिन इलाकों में ट्यूबवेल डीजल इंजन से चलते हैं. वहां फसलों को पानी देना अब बहुत महंगा सौदा साबित होगा. अगर डीजल का मीटर ऐसे ही भागता रहा. तो समय पर सिंचाई करना मुश्किल हो जाएगा.

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फसल कटाई के बाद उसे मंडी तक पहुंचाना भी अब एक बड़ा चैलेंज बन गया है. ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ने से छोटे मालवाहक वाहनों का किराया भी काफी ज्यादा हो गया है. पहले किसान आसानी से अपनी उपज को दूर की मंडियों में ले जाते थे. जिससे सही दाम मिल सके. लेकिन अब उन्हें लोकल लेवल पर ही फसल बेचने को मजबूर होना पड़ेगा.

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खेती में इस्तेमाल होने वाली मॉडर्न मशीनों जैसे कंबाइन हार्वेस्टर का रेंट भी अब काफी बढ़ गया है. यह भारी-भरकम मशीनें बहुत ज्यादा डीजल पीती हैं. इसलिए इनका प्रति घंटा किराया किसान के बजट से बाहर जा रहा है. कटाई के पीक सीजन में मशीनों की बुकिंग महंगी होने से किसानों को लेबर पर शिफ्ट होना पड़ सकता है.

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सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं बल्कि फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड की कीमतों पर भी इसका इनडायरेक्ट असर दिखना शुरू हो गया है. चूंकि इन सामानों की डिलीवरी ट्रकों के जरिए होती है. इसलिए ट्रांसपोर्टेशन महंगा होते ही खाद की बोरियां भी महंगी मिलने लगी हैं.

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कुल मिलाकर कहें तो मिडिल ईस्ट का यह संकट भारतीय किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. अगर इस ग्लोबल क्राइसिस का समाधान जल्दी नहीं निकला. तो खेती करना वाकई बहुत मुश्किल और घाटे का सौदा बन सकता है.

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