प्याज की खेती करते समय किसान भाई ध्यान रखें ये बातें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

भारत के घर-घर में प्याज का उपयोग किया जाता है. प्याज में मौजूद विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसलिए चिकित्सक की लोगों को इसका सेवन करने की सलाह देते हैं. भारत में इसकी खेती भी बड़े स्तर पर होती है. लेकिन किसान भाइयों को प्याज की खेती करते वक्त कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.
प्याज की खेती करने के लिए किसान भाई दोमट मिट्टी का इस्तेमाल करें. मिट्टी का पी.एच. मान 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए. साथ ही इसमें जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी जरूरी है.
प्याज की खेती करने के लिए किसान भाई अच्छी किस्म के बीज को चुनें. वह बीज को बुवाई से पहले 24 घंटे पानी में भिगो दें. किसान भाई इसके बीजों को 2-3 सेंटीमीटर गहराई में बो दें.
प्याज की फसल को नियमित तौर पर सिंचाई की आवश्यकता होती है. सिंचाई करते वक्त ध्यान रखें कि मिट्टी गीली न हो जाए.
किसान भाई प्याज को कई रोगों और कीटों का खतरा होता है. किसान फसल को रोगों और कीटों से बचाने के लिए उचित उपाय करें. जिसके लिए वह एक्सपर्ट्स की सलाह ले सकते हैं.
किसान प्याज की फसल तैयार होने पर कटाई करें. वह कटाई के बाद प्याज को अच्छी तरह से सुखा लें. किसान भाई प्याज को ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें.