मक्के की फसल को नमी से बचाने की तगड़ी ट्रिक, स्टोरेज का यह नया तरीका फसल को रखेगा एकदम फ्रेश

मक्के की कटाई के बाद किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे सुरक्षित रखने की होती है. खासकर बारिश और नमी के मौसम में फसल के खराब होने का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. अगर मक्के को सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो उसमें फंगस और कीड़े लगने का डर रहता है जिससे भारी नुकसान हो सकता है.
मक्के की फसल को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है दानों को अच्छी तरह सुखाना. कटाई के तुरंत बाद मक्के में नमी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. इसलिए दानों को तब तक तेज धूप में सुखाएं जब तक कि उनमें नमी का लेवल करीब 12 से 14 परसेंट तक न आ जाए.
नमी चेक करने का एक बहुत ही देसी और आसान तरीका यह है कि आप मक्के के कुछ दानों को दांतों से चबाकर देखें. अगर दाना कट की आवाज के साथ टूटता है तो समझ जाएं कि वह भंडारण के लिए पूरी तरह तैयार है. अगर दाना थोड़ा भी लचीला लगे तो उसे कुछ दिन और सुखाना बहुत जरूरी है.
मक्के को स्टोर करने के लिए हमेशा साफ, सूखी और हवादार जगह का ही चुनाव करें. जिस कमरे या गोदाम में आप फसल रख रहे हैं वहां सीलन बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. भंडारण से पहले गोदाम की अच्छी तरह सफाई करें और फर्श पर नीम के सूखे पत्ते या चूने का छिड़काव कर दें ताकि कीड़े दूर रहें.
आजकल मक्के को सुरक्षित रखने के लिए बोरी पैकेजिंग का बहुत इस्तेमाल होता है. इसके लिए हमेशा जूट की नई बोरियों या साफ प्लास्टिक बैग्स का ही इस्तेमाल करें. पुरानी बोरियों को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उन्हें धूप में अच्छी तरह सुखा लें और कीटनाशक दवाओं का हल्का छिड़काव करके पूरी तरह साफ कर लें.
बोरियों को कभी भी सीधे जमीन पर या दीवार से सटाकर न रखें. क्योंकि फर्श की सीलन दानों को खराब कर सकती है. बोरियों को रखने के लिए लकड़ी के तख्तों या पैलेट्स का इस्तेमाल करें. दीवार से कम से कम एक से डेढ़ फीट की दूरी बनाकर ही बोरियों की थप्पी लगाएं जिससे हवा का वेंटिलेशन बना रहे.
अगर आप बड़े पैमाने पर मक्के का बिजनेस करते हैं तो आजकल की हाईटेक साइलो (Silo) तकनीक या एयरटाइट बिन स्टोरेज सबसे बेस्ट ऑप्शन हैं. इस मॉडर्न तरीके से मक्के के दानों में बाहर की हवा या नमी बिल्कुल नहीं घुस पाती जिससे आपकी पूरी फसल महीनों तक बिना किसी केमिकल के एकदम फ्रेश बनी रहती है.