किसान क्रेडिट कार्ड से कितना लोन ले सकते हैं किसान, जान लें नियम

आज के दौर में खेती-किसानी के खर्चों को निपटाने के लिए पैसों का इंतजाम करना अब कोई बड़ी चुनौती नहीं रह गई है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना इस मामले में एक वरदान की तरह सामने आई है. इसके जरिए किसान अपनी खेती की जरूरतों के लिए बहुत ही कम ब्याज पर बड़ा कर्ज आसानी से उठा सकते हैं.
इस योजना की सबसे खास बात इसकी बढ़ी हुई लिमिट है. जिसके तहत अब किसान 5 लाख रुपये तक का लोन हासिल कर सकते हैं. आपको बता दें कि पहले यह सीमा सिर्फ 3 लाख रुपये तक सीमित थी. सरकार ने इसे इसलिए बढ़ाया है जिससे किसान बिना किसी आर्थिक दबाव के बड़े स्तर पर खेती और तकनीक का इस्तेमाल कर सकें.
अगर हम बिना गारंटी वाले लोन की बात करें. तो अब किसान बिना किसी सुरक्षा या जमीन गिरवी रखे 1.60 लाख रुपये तक का कर्ज ले सकते हैं. लेकिन अगर आपको अपनी खेती को बढ़ाने के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत है. तो आप अपनी जमीन के रिकॉर्ड दिखाकर 5 लाख रुपये की मैक्सीमम लिमिट तक पहुंच सकते हैं.
ब्याज दरों के मामले में यह कार्ड किसी भी बैंक लोन से कहीं ज्यादा फायदेमंद है. आमतौर पर इस पर ब्याज दर 9 प्रतिशत होती है. लेकिन सरकार सीधे तौर पर 2 प्रतिशत की छूट देती है. इसके अलावा, अगर आप समय से पहले या सही वक्त पर पैसा बैंक को लौटा देते हैं. तो आपको 3 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलती है.
इसका मतलब यह है कि सही तरीके से पैसा चुकाने वाले किसानों को यह कर्ज सालाना केवल 4 प्रतिशत के ब्याज पर पड़ता है. बाजार में मौजूद किसी भी दूसरे लोन स्कीम में इतनी कम दर पर पैसा मिलना नामुमकिन है. यही वजह है कि लाखों किसान साहूकारों के चंगुल से निकलकर अब इस कार्ड का फायदा उठा रहे हैं.
अब इस कार्ड का दायरा भी काफी बड़ा हो गया है. जिसमें खेती के साथ-साथ पशुपालन और मछली पालन को भी शामिल किया गया है. अगर कोई किसान गाय-भैंस पालने या मछली पालन के लिए पैसे चाहता है, तो वह भी इसी केसीसी के जरिए अपनी लिमिट के हिसाब से फंड ले सकता है. जिससे उनकी कुल आमदनी में इजाफा होता है.
इसे बनवाने की प्रोसेस भी काफी आसान है. आपको बस आधार, पैन और जमीन के कागजात लेकर अपनी नजदीकी बैंक शाखा जाना होगा. एक बार कार्ड बनने के बाद यह 5 साल तक काम करता है और हर साल आपकी फसल की जरूरत के हिसाब से बैंक इसकी क्रेडिट लिमिट चेक भी करता है. जिससे आपको पैसों की कभी कमी न हो.