टाइगर रिजर्व क्षेत्र में करते हैं खेती? इन बातों का रखें ख्याल

टाइगर रिजर्व के बफर जोन या जंगल से सटे इलाकों में फार्मिंग करना सच में हाई-रिस्क वाला काम है. यहां सिर्फ मौसम या कीड़ों से फसल नहीं बचानी होती, बल्कि सीधे जंगली जानवरों से निपटना पड़ता है. ऐसे सेंसिटिव एरिया में खेती करते वक्त अगर थोड़ी भी लापरवाही हुई तो फसल के साथ-साथ अपनी जान पर भी बात आ सकती है.
सबसे पहले तो खेत में जाने की अपनी टाइमिंग एकदम फिक्स कर लीजिए. सवेरे के अंधेरे में या शाम ढलने के बाद खेतों की तरफ जाने की गलती बिल्कुल मत कीजिए. बाघ, तेंदुए और हाथियों की एक्टिविटी इसी समय सबसे ज्यादा होती है. इसलिए दिन की अच्छी धूप निकलने के बाद ही खेत में काम निपटाना सबसे सेफ तरीका है.
खेत में काम करते वक्त अकेले जाने का रिस्क कभी मत लीजिए. हमेशा 2-3 लोगों के ग्रुप में रहें और लगातार आपस में बातचीत करते रहें या मोबाइल पर लाउडस्पीकर में म्यूजिक बजाते रहें. इंसानी आवाज सुनकर जंगली जानवर अलर्ट हो जाते हैं और अचानक से होने वाले सीधे अटैक का खतरा लगभग टल जाता है.
अपनी फसल की बाउंड्री को सिक्योर करने के लिए सोलर करंट वाली झटका फेंसिंग सबसे स्मार्ट और मॉडर्न तरीका है. यह हल्का सा शॉक देकर जंगली सूअरों और नीलगायों को दूर रखती है. जिससे किसी जानवर को जानलेवा चोट भी नहीं लगती. मेन लाइन का डायरेक्ट बिजली करंट तारों में दौड़ाने की गलती कभी न करें यह भारी कानूनी पचड़े में फंसा सकता है.
क्रॉप सिलेक्शन पर खास ध्यान दीजिए. टाइगर रिजर्व के पास कभी भी गन्ना या मक्के जैसी घनी और लंबी फसलें लगाने से बचें. यह फसलें बाघ और तेंदुओं के लिए छिपने का परफेक्ट अड्डा बन जाती हैं. इनकी जगह कम हाइट वाली फसलें जैसे दालें, तिलहन या सब्जियां लगाएं जिससे खेत दूर तक एकदम साफ दिखाई देता रहे.
खेत की मेड़ों और आने-जाने वाले रास्तों पर किसी भी तरह की झाड़ी या जंगली घास मत उगने दीजिए. आपका फार्म जितना क्लीन और ओपन रहेगा. दूर से आने वाले किसी भी खतरे को आप पहले ही भांप लेंगे. इसके अलावा रात के वक्त खेत के मेन पॉइंट्स पर ब्राइट सोलर फ्लड लाइट्स जरूर ऑन रखिए जिससे जानवर उजाले से दूर भागें.
जानवरों को भगाने के लिए स्मार्ट और सेफ देसी जुगाड़ ट्राई करें. खेत में हवा से बजने वाले खाली टीन के डिब्बे, ऑटोमैटिक मोशन-सेंसर अलार्म या फिर पटाखे फोड़ना काफी कारगर रहता है. जानवर तेज और अचानक होने वाले शोर से घबराकर सीधे जंगल की तरफ लौट जाते हैं और खेत में घुसने की हिम्मत नहीं करते.
अगर किसी जंगली जानवर ने फसल खराब कर दी है. तो सीधे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को इन्फॉर्म करें. नुकसान का प्रॉपर वीडियो बनाकर रखें जिससे इंश्योरेंस और सरकारी मुआवजे का क्लेम जल्दी पास हो सके. किसी भी जंगली जानवर को खुद नुकसान पहुंचाना आपको सीरियस लीगल ट्रबल में डाल सकता है.
अपने लोकल फॉरेस्ट गार्ड्स और बीट ऑफिसर्स के फोन नंबर हमेशा फोन के स्पीड डायल पर रखें. अगर खेत के आसपास किसी हिंसक जानवर का मूवमेंट दिखे. तो तुरंत सतर्क हो जाए. थोड़ी सी समझदारी और होशियारी से आप बिना किसी डर के अपनी खेती को एकदम सुरक्षित रख सकते हैं.