Money Plant Care Tips: आपकी क्यारी में लगा मनी प्लांट सूखने लगा है, ये टिप्स लौटा देंगे उसमें नई जान

क्या आपके घर का मनी प्लांट भी पीला पड़ने लगा है, पत्तियां मुरझा रही हैं या बेल धीरे-धीरे सूखती जा रही है? तो घबराने की जरूरत नहीं है ये कोई बड़ी बात नहीं. मनी प्लांट को "भाग्यशाली पौधा" यूं ही नहीं कहते यह जितनी आसानी से उगता है, उतनी ही आसानी से मुरझा के दोबारा जी उठता है. बस जरूरत है उसे सही तरीके से उगाने कि और कुछ देसी जुगाड़ की.
जब भी घर में चावल धोएं, वो धुला पानी फालतू समझ कर फेंक देते हैं. ऐसे में बता दें कि उस पानी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं जो मनी प्लांट की जड़ों को मजबूत करते हैं और पौधों को स्वस्थ रखते हैं. हफ्ते में एक बार यह पानी पौधे में डालें. सफेद चावल का पानी ज्यादा असरदार होता है क्योंकि इसके पोषक तत्व जल्दी घुल जाते हैं जो पेड़ को हरा भरा रखने में मदद करते हैं.
मूंग, मसूर या अरहर किसी भी दाल को भिगोकर जो पानी निकले, वो मनी प्लांट के लिए बेहतरीन प्राकृतिक खाद का काम करता है. इसमें प्रोटीन और अमीनो एसिड होते हैं जो मिट्टी के गुण और ताकत को बढ़ाते हैं. यह पानी पंद्रह दिन में एक बार पौधे की जड़ में अवश्य डालें. यह बिल्कुल वैसे ही काम करता है जैसे किसान खेतों में दाल की फसल लगाकर जमीन को उपजाऊ बनाते हैं तोकी मिट्टी उपजाऊ और ताकतवर एवं इसे कुछ जगह हरी खाद या फसल चक्र भी बोला जाता है, तो ये नुसखा आपकी मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करता है.
मनी प्लांट के सूखने की सबसे बड़ी वजहों में से एक यह है कि गर्मियों में कभी भी मनी प्लांट को सीधी दोपहर की धूप में न रखें. पूर्व दिशा की खिड़की के पास रखें जहां सुबह की हल्की धूप ही आती हो. अगर घर में बालकनी है तो हल्का कपड़ा या छायादार जाली लगाएं जिससे सीधी धूप मनी प्लांट पर न आए. अंधेरे कोने में भी यह पौधा ठीक से नहीं बढ़ता क्योंकि रोशनी भी इसके लिए सबसे जरूरी है अन्यथा पौधे की ग्रौथ रुक जाती है या कम हो जाती है.
गर्मियों में मनी प्लांट को हफ्ते में दो या तीन बार पानी देना ही काफी होता है. अगर मिट्टी अभी भी गीली है तो पानी मत डालें यह सोचकर कि ज्यादा पानी से ज्यादा स्वस्थ पौधा होगा यह बिल्कुल गलत है. ज्यादा पानी से जड़ें सड़ने लगती हैं, जो पत्तियों के पीले पड़ने की सबसे बड़ी वजह है. पहले मिट्टी में उंगली डालकर देखें, अगर मिट्टी 2 से 3 इंच तक सूखी लग रही है तभी पानी डालें अन्यथा न डालें.
जो पत्तियां पीली, भूरी या मुरझा गई हैं उन्हें तुरंत काट दें. यह पौधे को कमजोर नहीं करता, बल्कि पौधा अपनी सारी शक्ति नई और हरी पत्तियों को देने लगता है. सूखी और मुरझाई पत्तियों को साफ कैंची से काटें और काटने के बाद उस जगह को छूएं नहीं, उससे कटी जगह सड़ सकती है. गर्मियों की शुरुआत में पौधे की छंटाई करना सबसे अच्छा समय होता है, इससे पौधे की बढ़वार और तेज हो जाती है.
अगर पौधा लंबे समय से एक ही गमले में है और मिट्टी सख्त हो गई है, तो समझ जाए नए गमले में लगाने का वक्त आ गया है. नई मिट्टी में नारियल का बुरादा और थोड़ी रेत मिलाएं ताकि पानी की निकासी अच्छी हो. नए गमले का चुनाव देखकर ही करें क्योंकि बहुत बड़े गमले में ज्यादा पानी जमा रहता है जो जड़ों के लिए नुकसानदेह होता है, उसमें यह देखें कि गमले में नीचे 2 छोटे छेद हों जिससे पानी की निकासी सही रहेगी तो पौधा स्वस्थ रहेगा और मिट्टी भी उपजाऊ रहे. नए गमले में लगाने के बाद दो से तीन दिन तक पानी कम दें ताकि पौधा नई जगह के अनुसार खुद को ढाल सके.
मकड़ी के कीड़े और चिपचिपे कीड़े मनी प्लांट की पत्तियों का रस चूस लेते हैं, जिससे पत्तियां पीली और बेजान हो जाती हैं और खराब होने लगती हैं. पत्तियों के नीचे की तरफ देखें अगर सफेद धूल जैसा या चिपचिपा पदार्थ दिखे तो समझ जाएं कीड़े लगने लगे हैं. ऐसी परिस्थिति में नीम का तेल पानी में मिलाकर छिड़काव करें यह सबसे सुरक्षित और असरदार घरेलू उपाय है जिसे महिलाएं अपने घर के पौधे पर आसानी से अपना सकती हैं. अगर एक पौधे में कीड़े लगे हों तो उसे बाकी पौधों से अलग कर दें वरना और पौधों में भी वे कीड़े फैल सकते हैं और उन्हें खराब कर सकते हैं.