तेजी से बढ़ाना है करी पत्ता, इन गलतियों से बचें

भारतीय रसोई में करी पत्ता एक ऐसी चीज है, जिसके बिना खाने का असली स्वाद अधूरा लगता है. दाल-सब्जी से लेकर साउथ इंडियन डिशेज तक, हर जगह करी पत्ते का तड़का जरूर लगता है. यही वजह है कि बहुत से लोग अपने घर में गमले में करी पत्ते का पौधा लगाना पसंद करते हैं. लेकिन कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि उनका पौधा या तो बढ़ता नहीं है या फिर धीरे-धीरे सूखने लगता है. असल में इसकी वजह कोई बड़ी समस्या नहीं, बल्कि कुछ छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जो अनजाने में हो जाती हैं. अगर सही तरीका अपनाया जाए, तो करी पत्ते का पौधा बहुत तेजी से बढ़ सकता है और हरा-भरा भी रहता है.
करी पत्ते के पौधे को तेजी से बढ़ाने के लिए सबसे पहले सही गमले का चुनाव करना जरूरी है. हमेशा ऐसा गमला लें जिसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद हो, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो. मिट्टी की बात करें तो सामान्य बगीचे की मिट्टी में थोड़ी रेत और गोबर की खाद मिलाकर इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहता है. इससे मिट्टी हल्की बनती है और पौधे की जड़ों को सांस लेने में आसानी होती है.
करी पत्ते का पौधा धूप पसंद करने वाला पौधा है और इसे रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप जरूर मिलनी चाहिए. बहुत से लोग इसे घर के अंदर या छायादार जगह पर रख देते हैं, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है और पत्ते पीले पड़ने लगते हैं. अगर आपके घर में सीधी धूप ज्यादा देर तक नहीं आती, तो पौधे को बालकनी या छत जैसी खुली जगह पर रखें, जहां उसे भरपूर धूप मिल सके.
पानी देने के मामले में लोग अक्सर एक बड़ी गलती करते हैं, वे रोजाना बिना सोचे-समझे पौधे में पानी डाल देते हैं. जबकि करी पत्ते के पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. मिट्टी को हाथ से छूकर देखें, अगर ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तभी पानी डालें. ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ने लगती हैं, जिससे पूरा पौधा खराब हो सकता है. वहीं बहुत कम पानी देने से भी पत्ते मुरझाने लगते हैं.
बहुत से लोग सोचते हैं कि ज्यादा खाद डालने से पौधा तेजी से बढ़ेगा, लेकिन यह सोच गलत है. शुरुआत में हल्की जैविक खाद जैसे गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालना सही रहता है. हर 15 से 20दिन में हल्की मात्रा में खाद देना काफी होता है. बाजार में मिलने वाली तेज केमिकल खाद का ज्यादा इस्तेमाल जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके अलावा कभी-कभी छाछ या चायपत्ती का पानी भी पौधे को अच्छा पोषण देने में मदद करता है, जो पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका माना जाता है.
बहुत लोग यह गलती करते हैं कि वे कभी भी पौधे की छंटाई नहीं करते हैं. जबकि समय-समय पर ऊपर की टहनियों को हल्का काटते रहना जरूरी होता है, इससे पौधे में नई और घनी शाखाएं निकलती हैं और पौधा झाड़ीदार बनकर तेजी से बढ़ता है. अगर पौधे को बिना छंटाई के छोड़ दिया जाए, तो वह पतला और कमजोर रह जाता है.