बाजार से खरीदना भूल जाएंगे, घर के किचन गार्डन में इस आसान तरीके से उगाएं ताजी चुकंदर

अगर आप भी बाजार में मिलने वाली बासी और केमिकल वाली सब्जियों से तंग आ चुके हैं. तो घर के किचन गार्डन में चुकंदर उगाना अच्छा आइडिया है. इसे उगाने के लिए आपको बहुत बड़े खेत की जरूरत नहीं है बल्कि छोटे से गमले या क्यारी में भी इसे आसानी से लगाया जा सकता है.
घर में उगाई गई इस सब्जी का स्वाद बाजार वाली चुकंदर से कहीं ज्यादा मीठा और लाजवाब होता है. क्योंकि इसमें किसी भी तरह की मिलावट नहीं होती. चुकंदर को आप सलाद से लेकर जूस तक में इस्तेमाल कर सकते हैं और जब यह अपनी ही बगिया की हो तो सेहत का मजा दोगुना हो जाता है.
इसे लगाने के लिए सबसे पहले आपको सही साइज लेना होगा. ध्यान रखें कि चुकंदर जमीन के अंदर बैठती है. इसलिए कम से कम 10 से 12 इंच गहरा गमला लें. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छोटा सा छेद होना भी बेहद जरूरी है.
मिट्टी तैयार करते समय थोड़ा सा देसी जुगाड़ लगाएं और नॉर्मल मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की खाद या केंचुआ खाद मिला लें. चुकंदर के बीजों को लगाने से पहले उन्हें रातभर पानी में भिगोकर रख दें. इससे बीज बहुत जल्दी अंकुरित होते हैं और पौधे जल्दी बाहर निकल आते हैं.
बीजों को मिट्टी में लगभग आधा इंच गहरा दबाएं और पौधों के बीच थोड़ी दूरी बनाए रखें ताकि नीचे चुकंदर को फैलने के लिए पूरी जगह मिल सके. बुवाई के ठीक बाद हल्के हाथ से पानी का छिड़काव करें जिससे मिट्टी में अच्छी नमी बन जाए और बीज सड़ने न पाएं.
चुकंदर के पौधे को बढ़ने के लिए रोजाना कम से कम चार से पांच घंटे की अच्छी धूप मिलना बेहद जरूरी है. गमले की मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें लेकिन ध्यान रहे कि उसमें पानी जमा न होने पाए. वरना जड़ें गल जाएंगी और आपकी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी.
बुवाई के लगभग दो से ढाई महीने बाद आपकी ताजी और रसीली चुकंदर उखड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी. जब जमीन के ऊपर चुकंदर का ऊपरी हिस्सा थोड़ा दिखने लगे. तो समझ जाएं कि अब इसे निकालने और सलाद में सजाकर इसका असली स्वाद लेने का सही समय आ गया है.