BE READY: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे बैंक और इंश्योरेंस के ये नियम!
भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर का विलय पहली अप्रैल से लागू होगा. मतलब ये इन पांचों बैंकों की शाखा और ग्राहक पहली अप्रेल से भारतीय स्टेट बैंक की शाखा और ग्राहक कहलाएंगे. नयी व्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक की 23 हजार शाखाएं होंगी और कुल 21 हजार एटीएम. सहयोगी बैंक के ग्राहकों को काफी कुछ सुविधाएं तो पहली अप्रैल से ही मिलने लगेगी, लेकिन नॉन होम ब्रांच (जिस शाखा में आपका खाता है, उसके अलावा दूसरी शाखा) में जाकर लेन-देन की सुविधा हासिल करने में कुछ समय लगेगा.
पहली अप्रैल से सिर्फ 2 लाख रुपये नकद लेनदेन की सुविधा मिलेगी. इससे ज्यादा यदि कोई नकद दे. तो भुगतान हासिल करने वालो को उतनी ही बराबर रकम जुर्माने के तौर पर चुकाने होगी. मसलन यदि किसी ने ढ़ाई लाख रुपये का नकद भुगतान किया तो जुर्माने की रकम ढ़ाई लाख रुपये होगी.
एसबीआई के सभी सेविग्स बैंक अकाउंट में तीन बार नगद लेन-देन पर कोई फीस नहीं. उसके बाद हर लेन-देन पर फीस देनी होगी. ये फीस सर्विस टैक्स मिलाकर 57 रुपये 50 पैसे बनती है. गौर करने की बात ये है कि ये शर्त केवल उस परिस्थिति में लागू होगी जब आप उसी शाखा में जाते हैं जहां आपका बैंक खाता है. किसी भी दूसरे शाखा में जाने की सूरत में ये शर्त लागू नहीं होगी. एक और बात,सामान्य करेंट अकाउंट के लिए अलग शर्त होगी, वहां 25 हजार रुपये प्रति दिन तक लेन-देन की सूरत में कोई चार्ज नही लगेगा. इसके ऊपर की रकम पर कम से कम चार्ज 57 रुपये 50 पैसे लगेगा.
एसबीआई के जनधन खातों, बेसिक सेविंग अकाउंट और कॉरपोरेट सैलरी प्लान (किसी कंपनी के सभी कर्मचारियों का सैलरी खाता) को छोड़ बाकी खातों में हर महीने कम से कम औसत बकाया यानी मंथली एवरेज बैलेंश के लिए नई शर्त लागू की गई है जिसके अनुसार मेट्रो शहरों के खाते में कम से कम 500 रुपए जबकि बाकी शहरों कम से कम 3000 रुपए होने चाहिए.
1 अप्रैल के बाद मोटर गाड़ियों पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम करीब 50 फीसदी बढ़ेगा. बीमा रेग्युलेटर इरडा के वेबसाइट पर उपलब्ध मसौदे के मुताबिक प्रीमियम में होने वाले बदलाव आप इस तस्वीर में देख सकते हैं. इस तस्वीर में पुरानी और बढ़ने के बाद नई दरें क्या होंगी दोनों की जानकारी दी गई है.
1 अप्रैल से आम लोगों की जिंदगी के जुड़े कई नियमों में बड़े बदलाव आने वाले हैं. नियमों में होने वाले ये बदलाव बैंको में लेन-देन और इंश्योरेंस से जुड़े हुए हैं. आज हम आपको बताने जा रहे इन नियमों में होने वाले बदलाव के बारे में जिन्हें जानना आपके लिए बेहद ही जरूरी है.
बीमा रेग्युलेटर ने कार और टू व्हीलर के साथ हेल्थ इंश्योरेंस के लिए एजेंट के कमीशन में बदलाव किया गया है. इसकी वजह से भी प्रीमियम में 5 फीसदी तक बढ़ोतरी की इजाजत दी गयी है. ये बढ़ोतरी थर्ड पार्टी मोटर इश्योरेंस के प्रीमियम मे होने वाली बढ़ोतरी से अलग है.