नफीसा अली को हुआ है पेरिटोनियल और ओवरियन कैंसर, जानें इस बारे में ये जरूरी बातें

नफीसा अली को पेरिटोनियल और ओवरियन कैंसर हुआ है. आपको बता दें, ये दोनों अलग-अलग कैंसर हैं. हां, दोनों कैंसर के लक्षण लगभग एक जैसे ही हैं. ऐसा बहुत ही कम होता है कि ओवरियन कैंसर के साथ-साथ मरीज को पेरिटोनियल कैंसर भी हो. फोटोः इंस्टाग्राम
ओवरियन कैंसर वो कैंसर है जिसमें कैंसर सेल्स ओवरी के अंदर या बाहर जमा हो जाते हैं. ओवरी प्रजजन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां एग्स ओवॉल्यूशन के लिए स्टोर होते हैं. आमतौर पर ओवरियन कैंसर 50 की उम्र के बाद उन महिलाओं को होता है जिन्हें मीनोपोज हो चुका है. लेकिन कुछ महिलाओं को कम उम्र में भी इसके होने का खतरा होता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
61 वर्षीय नफीसा अली ने ये बात जब फैंस को बताई थी तो फैंस बहुत दुखी हुए और नफीसा अली की जल्द ठीक होने की कामना करने लगे. नफीसा अली को पेरिटोनियल और ओवरियन कैंसर है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ये कैंसर होता क्या है. फोटोः इंस्टाग्राम
पिछले काफी समय से सेलिब्रिटीज के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने की बात सामने आ रही है. सोनाली बेंद्रे, इरफान खान, ताहिरा कश्यप और ऋषि कपूर गंभीर बीमारियों का इलाज करवा रहे हैं. अब नफीसा अली को भी स्टेज 3 का कैंसर डायग्नोज हुआ है. फोटोः इंस्टाग्राम
आपको बता दें, पेरिटोनियल कैंसर और ओवरियन कैंसर दोनों का इलाज अलग-अलग होता है. इतना ही नहीं, दोनों का साथ में इलाज करने से मरीज को खतरा भी दोगुना हो जाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
पेरिटोनियल कैंसर होने का यूं तो कोई मुख्य कारण नहीं है लेकिन कई बार फेटल डवलपमेंट के दौरान ओवरियन टिश्यू पेट में ही रह जाते हैं जो कि कैंसर होने का खतरा बढ़ा देते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
पेरिटोनियल कैंसर पेट को ढकने वाले बाहरी टिश्यू पर पाई जाने वाली एपीथिलियल सेल्स में डवलप होता है जो कि गर्भाशय और ब्लैडर को भी ढकता है. पेरिटोनियल कैंसर का ओवरियन कैंसर से संबंध हो सकता है क्योंकि ये बिल्कुल ओवरियन कैंसर की तरह ही शरीर में फैलता है और उन्हीं हिस्सों में अधिक होता है जहां ओवरियन कैंसर होने का खतरा रहता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
आमतौर पर दोनों ही कैंसर का इलाज मरीज की स्थिति, कैंसर ने शरीर को कितना डैमेज किया है और कैंसर का क्या कारण इसको ध्यान में रखकर किया जाता है. इसके अलावा कैंसर शरीर में कितना फैला है, मरीज की उम्र क्या है, मरीज की जनरल हेल्थ कैसी है. ये सब देखते हुए ही डॉक्टर सर्जरी और कीमोथेरेपी की सलाह देते हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
आमतौर पर इस कैंसर का सबसे बड़ा लक्षण इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम होता है. कुछ अन्य लक्षणों में पेट के आसपास सूजन आना, सामान्य से अधिक बार-बार यूरिन आना, भूख ना लगाना, खाना खाते-खाते तुरंत पेट भर जाना, पेल्विक और एबडमन में असहजता महसूस होना, तीन हफ्ते या उससे अधिक ब्लोटिंग होना. यदि किसी के परिवार में हैरिडिट्री ब्रेस्ट कैंसर या ओवरियन कैंसर है तो उन महिलाओं को भी ओवरियन कैंसर होने का खतरा डबल हो जाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज
ये ऐसा खतरनाक कैंसर है जिसके गंभीर स्थिति तक पहुंचने पर ही इसके लक्षणों का पता चलता है. कई महिलाओं को ये कैंसर एडवांस स्टेज तो किसी को और भी अधिक स्टेज में जाकर पता चलता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज