आधार नहीं तो ये सरकारी सुविधाएं नहीं: अब मिड-डे मील के लिए भी जरूरी
1.मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश भर के सभी सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने का फैसला किया है. मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफेकेशन में कहा गया है कि मिड-डे मील से मिलने वाली सुविधा का लाभ लेने के लिए 30 जून से पहले आधार कार्ड बनवाना होगा. आपको बता दें कि मिड-डे मील के लिए खाना बनाने वाले कुक को भी 30 जून से पहले आधार कार्ड बनवाना होगा. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये कदम पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है.
केंद्र सरकार के नए नोटिफेकेशन के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है. ये नोटिफेकेशन मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है. आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है कि जब किसी सरकारी काम के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं उन सभी सरकारी योजनाओं के बारे जहां आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है....!
9. वोटर कार्ड लिंकिंग दरअसल देशभर में दिनोंदिन फर्जी वोटरों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सरकार ने वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की योजना बनाई है. इसके तहत अब 12 डिजिट वाले आधार कार्ड आपको अपने वोटर आइडी कार्ड से लिंकअप करना होगा. इस योजना की शुरुआत 9 मार्च, 2015 से शुरू की गई है. क्योंकि, एक बार आधार कार्ड से जब वोटर आइडी कार्ड लिंकअप हो जाएगा तो उसके बाद कोई फर्जी वोटर आइडी कार्ड नहीं बनवा पाएगा. साथ ही वोट डालते वक्त आधार कार्ड लाना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि फर्जी वोटिंग पर रोक लगाई जा सके.
14. ट्रांसपोर्ट: आंध्र प्रदेश में व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, लर्निंग लाइसेंस, पर्मानेंट ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का मालिकाना हक बदलने के लिए जुलाई 2015 से आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है. वहां सभी तरह के रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ट्रांजेक्शन्स के लिए आधार कार्ड जरूरी हो गया है. वाहनो के लिए लोन लेना या देना भी आधार कार्ड के बिना नहीं हो सकता है.
15. मंदिरों में कर्मकांड के लिए भी आधार जरूरीः हाल ही में दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक तिरुपति के बालाजी मंदिर में अंगप्रदक्षिणम रस्म को करने के लिए बुकिंग के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है. इसका फायदा है कि एक ही इंसान बार-बार इस रस्म को नहीं करेगा क्योंकि इसके लिए काफी ज्यादा मांग रहती है.
7. सेबी ने दी रेजिडेंशियल प्रूफ के तौर पर मान्यता हाल में सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने भी स्टॉक एक्सचेंज में इन्वेस्टमेंट करने के लिए निवास प्रमाण पत्र के रूप में आधार कार्ड को मंजूरी दे दी है. इसके पहले सेबी स्टॉक एकसचेंज में इन्वेस्टमेंट करने वालों के लिए 12 डिजिट वाले आधार कार्ड को सिर्फ पहचान प्रमाण पत्र के तौर पर मंजूरी दी थी. पर अब ये ऐड्रैस प्रूफ के तौर पर भी पेश किया जा सकेगा.
11. मंथली पेंशन स्कीम सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत चलाई जा रही मंथली पेंशन योजनाओं का फायदा सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए कई राज्य सरकारों ने इसे आधार कार्ड नंबर से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है. ताकि, कोई फर्जी पेंशन कार्ड बनवाकर उसका लाभ न उठा सके. क्योंकि इस तरह की शिकायत कई राज्यों में मिली हैं. ऐसे में जो सही मायने में पेंशन का हकदार है उसे पेंशन नहीं मिल पाती है.
6. पासपोर्ट बनवाने के लिए भी आधार जरूरीः पासपोर्ट बनवाने के लिए सबसे अहम डॉक्युमेंट के तौर पर आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है. यदि आप आधार कार्ड होल्डर हैं, तो आपको पासपोर्ट बनवाने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी. आपका पासपोर्ट 7 से लेकर 10 दिनों के अंदर बन जाएगा. लेकिन, इसके लिए फीस सामान्य और तत्काल के लिए अलग-अलग है. वहीं, पासपोर्ट के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बना दिया गया, जिससे इसको बनवाना बेहद जरूरी है. उसके बाद पुलिस वेरीफिकेशन होगा.
4. प्रधानमंत्री जनधन योजना के लिए आधार जरूरी पीएमजेडीवाई का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड ही पर्याप्त है. इसके जरिए कोई भी भारतीय किसी भी बैंक में अपना अकाउंट जीरो बैंलेंस पर खुलवा सकता है. अगर डॉक्युमेंट प्रूफ के तौर पर आपके पास आधार कार्ड है तो कोई और प्रूफ देने की जरूरत नहीं है. इस योजना के तहत 10 फरवरी, 2016 तक देशभर में 20 करोड़ बैंक अकाउंट खोले जा चुके हैं, जिसमें लगभग 32 हजार करोड़ रुपए जमा किए गए हैं.
13. इनकम टैक्स रिटर्न्सः आयकर विभाग टैक्सपेयर्स को आधार कार्ड के जरिए आयकर रिटर्न को ई-वेरिफाई करने की सुविधा देता है. इसके तहत अब आपको इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भरकर सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर भेजने की जरुरत नहीं पड़ती है. इसके लिए बस अपने ई-फाइलिंग खाते को आधार कार्ड के साथ जोड़ना भर है. एक बार ये कर दिया तो आपके वेरिफिकेशन के बाद पैन कार्ड के साथ आपका आधार कार्ड लिंक हो जाएगा.
2. आधार कार्ड के बिना प्रोविडेंट फंड नहीं केन्द्र सरकार ने 15,000 रुपये तक मासिक आय वाले सभी लोगों को 31 मार्च तक अपने ईपीएफ और आधार कार्ड की केवाईसी कराने के लिए कहा है. आप किसी भी रोजगार में हों यह काम कराना जरूरी है. यह आपके लिए केन्द्र सरकार की भविष्य निधी योजना है. इसका फायदा आपको रिटायर होने, रोजगार खत्म होने और मौत के बाद आपके परिवार को मिलेगा. प्रॉविडेंट फंड का पैसा भी उसी अकांउट होल्डर को आसानी से मिलेगा, जो 12 डिजिट वाले अपने आधार नंबर को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के यहां रजिस्टर्ड करवाया होगा. ताकि, रिटायरमेंट के बाद किसी भी कमर्चारी को पैसा निकालने में कठिनाई ना हो इसके लिए इसे अनिवार्य बनाया गया है.
12. डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आधार कार्ड लिंकअप पर आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट स्कीम को डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड आईटी के स्कीम को मोदी सरकार ने लॉन्च किया है. मोदी ने यह स्कीम पेंशनभोगियों के लिए लॉन्च की है, जिसका नाम ‘जीवन प्रमाण’ रखा गया है. इस स्कीम से 1 करोड़ से अधिक पेंशनभोगी को फायदा होगा. सरकार का इस स्कीम को लॉन्च करने का मकसद उस व्यवस्था की अनिवार्यता को खत्म करना है, जिसके तहत प्रत्येक पेंनशनभोगी को हर साल खुद बैंक में जाकर लाइफ सर्टिफिकेट पेश करना पड़ता है.
10. डिजिलॉकरः मोदी सरकार की शुरु की गई बड़ी योजनाओं में से एक डिजिटल इंडिया के तहत डिजिलॉकर का प्रावधान है जिससे ई-डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. लोग अपना अकाउंट बनाकर ई-डॉक्यूमेंट जमा करें, डिजिटल सिग्नेचर का प्रयोग करके इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं. ये डिजिटल साइन वाले डॉक्यूमेंट सरकारी एजेंसियों या अन्य संस्थाओं के द्वारा प्रयोग किए जा सकते हैं. मोदी सरकार की स्कीम डिजिटल लॉकर सिस्टम का मकसद हरेक भारतीय के सभी पर्सनल डॉक्युमेंट को ऑनलाइन सुरक्षित रखना है. 12 डिजिट वाले आधार कार्ड के जरिए कोई भी साइन-इन करके अपना जरूरी डॉक्युमेंट सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रख सकता है. इस स्कीम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि किसी ने अपने डॉक्युमेंट चाहे एकेडमिक हों या पर्सनल डिजिटल लॉकर में रख दिया है तो उसे कहीं जाने या मांगे जाने पर डॉक्युमेंट को लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने डिजिटल इंडिया कैंपेन के तहत जुलाई, 2015 में यह स्कीम लॉन्च की थी. इस स्कीम के तहत अभी तक 10.64 लाख यूजर रजिस्टर्ड हो चुके हैं.
5. डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी (डीबीटीएल स्कीम) आधार कार्ड पर आधारित डायरेक्ट बेनेफिट स्कीम (एलपीजी सब्सिडी) केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है. इसके जरिए लाभार्थियों को सब्सिडी उनके बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाती है. इस स्कीम को मोदी सरकार ने फिर से लॉन्च किया और ‘पहल’ नाम दिया है. आधार कार्ड जो भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति का व्यक्तिगत पहचान यानी (इंडविजुअल आइडेंटिफिकेशन) 12 डिजिट वाला नंबर है. डीबीटीएल स्कीम का लाभ पाने के लिए 17 डिजिट के एलपीजी कंज्यूमर नंबर से आधार नंबर को लिंक कराना होता है, जिसके बाद आपके बैंक अकाउंट में सब्सिडी का पैसा डायरेक्ट ट्रांसफर होता है. सरकार ने इस स्कीम को देशभर के 54 जिलों में 15 नवंबर 2014 को लॉन्च किया था. डीबीटीएल स्कीम से 15.17 करोड़ लाभार्थी जुड़े हुए हैं.
8. नए बैंक अकाउंट खोलने के लिए यदि आप किसी बैंक में अपना अकाउंट खोलना चाहते हैं तो आपको किसी और डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसकी वजह यह है कि सरकार ने आधार नंबर को किसी भी सरकारी काम के लिए डॉक्युमेंट प्रूफ के तौर मान्यता पहले से ही दे रखी है और बैंक भी इसको नए अकाउंट खोलने के लिए स्वीकार करने लगे हैं. चूंकि, आधार कार्ड पर आपके घर का पूरा पता दर्ज होता है जिससे उन्हें भी आसानी होती है.
3. आधार कार्ड बिना स्कॉलरशिप नहीं: एचआरडी मिनिस्ट्री ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के लिए केंद्रीय स्कॉलरशिप का फायदा लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है या उन्हें आधार सत्यापित यानी अटैस्ट करवाना जरूरी होगा. जिन्हें यह स्कॉलरशिप मिल रहा है लेकिन उनके पास आधार कार्ड नहीं है तो उन्हें 30 जून तक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा. हालांकि, हालांकि जम्मू कश्मीर, असम और मेघालय को इससे छूट होगी. वहीं आजकल सभी कॉलेज के छात्रों के लिए आधार कार्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर कोई छात्र राज्य सरकार या यूजीसी से किसी तरह की स्कॉलरशिप हासिल करना चाहता/चाहती है तो उसे यूआईडीएआई द्वारा जारी आधार कार्ड प्रस्तुत करना जरूरी है.