IN PICS: सिंहस्थ नगरी उज्जैन में आंधी, बारिश और तम्बू गिरने से छह लोगों की मौत, 40 घायल
मध्यप्रदेश की ऐतहासिक नगरी उज्जैन में चल रहे हिन्दुओं के सबसे बड़े धार्मिक समागम सिंहस्थ-कुम्भ मेले के दौरान आज शाम यहां बिजली गिरने, आंधी, और तेज बारिश से सैकड़ों अस्थाई तम्बू गिर गये और मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई.
पुलिस अधीक्षक मनोहर वर्मा ने बताया, ‘‘उज्जैन के उंडासा क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला तीर्थयात्री की मौत हो गई.’’
जिला अस्पताल की अधीक्षक डॉ सुनिता परमार के मुताबिक अब तक 62 घायलों का इलाज के लिये अस्पताल लाया जा चुका है.
एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक तेज आंधी से मेला क्षेत्र में लगे कई पंडालों और शिविरों के भव्य प्रवेश द्वार भी गिर गये.
जिला अस्पताल में पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक बाबूलाल ने बताया कि मृतकों की पहचान रूमल कौर, अम्बा बाई, प्रहलाद, भागीरथ, रिषी प्रसाद और भूति बाई के रूप में हुई है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीएस चौहान ने बताया कि तेज हवाओं से मेला क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के करीब 30 प्रतिशत अस्थाई तम्बू उखड़ गये हैं. इन्हें फिर से लगाने में करीब एक सप्ताह का वक्त लगेगा.
आंधी और तेज हवाओं के कारण एहतियात के तौर पर पूरे मेला क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति रोक दी गई है.
जिलाधिकारी कवीन्द्र कियावत ने बताया, ‘‘मेला क्षेत्र में छह लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गये.’’ उन्होंने कहा कि उन्हें छह लोगों की मौत की सूचना अस्पताल से मिली है.
सिंहस्थ-कुम्भ मेले में आए आंधी तूफान से छह लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गये.
एक प्रत्यशदर्शी ने बताया कि रामघाट क्षेत्र में एक बड़ा नाला फटने से गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिल रहा है.
इस बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सिंहस्थ में हुई घटना को पीड़ादायी बताते हुए प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल को 50,000 रुपये तथा अन्य घायलों को 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. स्थिति का जायजा लेने के लिये मुख्यमंत्री कल उज्जैन जायेगें.
प्रदेश सरकार ने एक महिने चलने वाले सिंहस्थ मेले की व्यवस्थाओं और विकास कार्यो पर लगभग 3,500 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.
इसबीच, मेला क्षेत्र में उखड़े तम्बूओं से लोगों को निकालने और तम्बूओं का मलबा हटाने का राहत कार्य तेजी से किया जा रहा है, जबकि बारिश की वजह से मेला क्षेत्र में भारी कीचड़ से राहत कार्यो के संचालन में परेशानी हो रही है.
उज्जैन में प्रकृति का यह असामयिक प्रकोप यहां चल रहे सिंहस्थ कुम्भ मेले के नौ मई को होने वाले दूसरे शाही स्नान से तीन दिन पहले हुआ है.