आखिर क्या है फराज की असलियत!

एक जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद जिन लोगों के शव होली आर्टिसन बेकरी में मिले उनमें एक नाम अमेरिका में पढ़ने वाले फराज अयाज़ हुसैन का भी था लेकिन हमले के कई दिनों बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या है फराज़ की असलियत. आगे की स्लाइड्स में जानें फराज से जुड़ी कुछ चौकाने वाली बातें!
बांग्लादेश की प्रमुख पत्रिका ‘प्रोथोम आलो’ का दावा है कि फराज़ ने भारत की तारिषी जैन और अमेरिका की अबनीता कबीर के साथ अपनी दोस्ती निभाने की खातिर जान कुर्बान कर दी. पत्रिका ने हमले के बाद छपी अपनी रिपोर्ट में बताया कि फराज़ के मुस्लिम होने की वजह से आतंकियों ने उसे बाहर जाने को कहा, लेकिन वो दोस्तों को मुसीबत में छोड़कर नहीं गया लिहाजा आतंकियों ने उसे भी मार डाला.
हालांकि बांग्लादेश की पुलिस या सरकार की तरफ से फराज़ के बारे में आधिकारिक तौर पर अब तक कुछ भी नहीं कहा गया है.
आरोप ये भी लग रहे हैं कि बांग्लादेश की पत्रिका ‘प्रोथोम आलो’ ने फराज़ को दोस्ती की खातिर कुर्बान होने वाला युवक इसलिए भी बताया, क्योंकि ये पत्रिका फराज़ के नाना की है.
एक जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद जिन लोगों के शव होली आर्टिसन बेकरी में मिले उनमें एक नाम अमेरिका में पढ़ने वाले फराज अयाज़ हुसैन का भी था लेकिन हमले के कई दिनों बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या है फराज़ की असलियत. आगे की स्लाइड्स में जानें फराज से जुड़ी कुछ चौकाने वाली बातें!
अब बांग्लादेश के अखबार दैनिक निरापेक्खा ने ऐसी कहानी और तस्वीरें छापी हैं, जिनसे फराज़ के आतंकी होने की अटकलों को मज़बूती मिल रही है. अखबार के मुताबिक कुछ ऐसी पुरानी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें फराज़ कथित तौर पर एक ऐसे आतंकी के साथ खड़ा है, जो ढाका के आतंकी हमले में सुरक्षा बलों के हाथों मारा जा चुका है.