दिल्ली पुलिस में शामिल की गईं 'SWAT 36' महिला कमांडो
यह महिला कमांडो पुरुष कमांडो से किसी भी मामले में कम नही है. इन्हें आतंकियों के छक्के छुड़ाने के लिए इसी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील जगहों पर तैनात किया जाएगा.
इस ग्रुप की खास बात यह है कि सभी महिलाएं नार्थ ईस्ट से हैं. साथ ही इन्होंने देश के लिए जीने मरने के जज्बे के चलते ही इन्होंने यह विंग ज्वाइन किया है.
उनका मानना है कि जो महत्तवपूर्ण जिम्मेदारियां वो महिला को भी दी जानी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि यह एक अच्छी पहल है.
दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने मीडिया को बताया कि यह कमांडो एंटी टेररिस्ट यूनिट स्पेशल सेल का हिस्सा होंगी. उन्हें यह कहते हुए बेहद गर्व हुई कि इन महिलाओं ने कड़ी मेहनत की है. आगे ये भी कहा कि शायद ही कोई और जगह ऐसी वूमेन SWAT टीम देखने को मिलेगी.
वहीं यह महिला SWAT कमांडो हर तरीके के हथियार और हर परिस्थितियों से निपटने में सक्षम है.
इस दौरान महिला कमांडो को तीन महीने की एनएसजी यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) से मिली है. यह एनएसजी वही है जो वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. साथ ही इन्हें देश की एलीट कमांडो में भी गिना जाता है.
बताया जा रहा है कि यह महिला कमांडो उड़ती हुई चिड़िया को भी मिंनटो में गिन सकती हैं. वहीं ये महिला कमांडो पलक झपकते ही आतंकियों को ढेर कर देती हैं.
पहली बार दिल्ली पुलिस में ऐसी महिला कमांडो को शामिल किया गया है जो आतंकियों से निपटने में कई तरीकों से सक्षम हैं. इन महिला कमांडो की पहली टुकड़ी का नाम SWAT 36 रखा गया है.
एमपी 5, एके 47, गलोक 17, गलोक 26 जैसे सॉफिस्टिकेटेड वेपन से लैस इन महिला कमांडो को 15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा है. इसके बाद ये अपने दुश्मन को भेदने में कारगार बन पाई हैं.