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हौंसले को सलाम- 100 की उम्र में जीते 3 गोल्ड मेडल, करियर में कुल 20 मेडल हैं इनके नाम

ABP News Bureau   |  30 Aug 2016 12:52 PM (IST)
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ओलंपिक की तर्ज पर वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स का आयोजन हर चार साल में एक बार होता है. इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की औसत आयु 49 साल के करीब होती है. इस बार के आयोजन में मन कौर हिस्सा लेने वाली सबसे वृद्ध नहीं हैं उनसे 1 साल बड़े 101 साल के निहाल गिल सबसे वृद्ध खिलाड़ी हैं.

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4x400 की रेस में पांच बार की ओलंपिक चैंपियन चैरमीन क्रुक्स ने भी मन कौर के इस हौंसले को सलाम किया. क्रुक्स ने कहा कि कौर उन्हें प्रेरित करती हैं, वे हर किसी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं चाहे वे जवान हो या बूढ़े.

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मन कौर के मुताबिक उनकी मां वृद्ध महिलाओं को दौड़ने के लिए प्रोत्साहित करती थीं. वे महिलाओं को प्रोत्साहित करती थीं कि उन्हें दौड़ना चाहिए, उन्हें कुछ उल्टा-सीधा नहीं खाना चाहिए और उन्हें बच्चों को भी दौड़ने के लिए बढ़ावा देना चाहिए.

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सिंह ने अपनी मां मन कौर से कहा था कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. ना एड़ी में दर्द की शिकायत और ना ही हॉर्ट की कोई बीमारी इसलिए उन्हें दौड़ना चाहिए. सिंह ने बताया कि उनकी मां विश्वभर में होने वाली ऐसी प्रतियोगिताओं में 20 मेडल जीत चुकी हैं. इनमें से कई प्रतियोगिताएं उनके शहर चंडीगढ़ में हुई हैं. मन कौर रोज शाम को अभ्यास करती हैं.

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100 मीटर की इस दौड़ को मन कौर ने 1 मिनट 21 सेकेंड में पूरा किया. अपनी जीत का जश्न उन्होंने अपने हाथों को हवा में उठाकर मनाया. उनके चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिख रही थी. रेस पूरा करने के बाद उनकी सांसे तेज हो गयी थीं और वे कुछ बोल नहीं पा रही थीं. रेस में भाग ले रहे उनके 78 साल के बेटे गुरदेव सिंह ने बताया कि जब उनकी मां 93 साल की थीं तब उन्होंने अपनी मां को दौड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था क्योंकि वे जानते थे कि उनकी मां स्टार बन जाएंगी.

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उनके बेटे के मुताबिक जब वे अपने वतन वापस आकर अपनी उपलब्धि को लोगों को बताने के लिए काफी उत्साहित हैं. 78 साल के गुरदेव ने बताया कि जीतना उनकी मां को खुशी देता है.

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उनके साथ रेस में ज्यादातर उनसे कम उम्र के थे. 70 और 80 साल के बाकी प्रतिभागी भी कौर के इस जज्बे को सलाम करने से खुद को रोक नहीं पाए. इस अलग तरह की प्रतियोगिता में कौर ने जो कारनामा किया है उसके बाद वे कई लोगों के लिए प्रेरणा की स्त्रोत बन गई.

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रियो ओलपिंक से भारत के लिए भले ही ज्यादा नतीजे ना आये हो लेकिन लंदन से एक खुशखबरी जरुर आयी है. इंग्लैंड के वेंकोवर में चल रहे अमेरिकन मास्टर्स गेम में भारत की मन कौर ने कुछ ऐसा ही कमाल दिखाया है. 100 साल की कौर ने अपनी उम्र के वर्ग में 100 मीटर रेस की में गोल्ड मेडल जीता. वे इस रेस में हिस्सा लेने वाली अकेली 100 साल की महिला थीं.

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