'कबाली' से जुड़ी वो 10 बड़ी बातें जो आपकी कर देगी ये फिल्म देखने को मजबूर
कबाली मलेशिया में रिलीज़ होने वाली पहली इंडियन फिल्म है- 'कबाली' फिल्म की ज़्यादातर शूटिंग मलेशिया में हुई है इसलिए निर्माताओं ने फिल्म को मलेशिया में भी रिलीज़ करने का फ़ैसला किया है. इसके साथ ही यह फिल्म मलेशिया में रिलीज़ होने वाली पहली इंडियन फिल्म है. पी रंजीत की यह फिल्म जापानी और चाइनीस वर्ज़न में भी रिलीज़ होगी.
फिल्म में रजनी की टिपिकल इमेज नहीं है- अपने अंदाज़ के लिए मशहूर सुपरस्टार की टिपिकल इमेज इस फिल्म में देखने को नहीं मिलेगी. निर्देशक पी रंजीत ने फिल्म में सुपरस्टार रजनी से ज़्यादा उनकी एक्टिंग को दर्शाया है.
फिल्म में 15 मिनट बाद दिखेंगे रजनीकांत- रजनी फैन्स के लिए बुरी खबर यह है कि फिल्म में रजनी फिल्म शुरू होने के 15 मिनट बाद दिखेंगे. 1991 की फिल्म ‘तलपति’ के बाद यह दूसरी ऐसी फिल्म है जिसमें रजनी की फिल्म मे एंट्री लेट है.
कबाली एक रियल लाइफ डॉन की कहानी है- कबाली की शूटिंग से ही लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या फिल्म की कहानी किसी रियल लाइफ स्टोरी से इन्स्पायर्ड है? आपको बता दें कि यह फिल्म चेन्नई के मयलापोर के रियल लाइफ गैंगस्टर कबालिश्वरम की लाइफ पर आधारित है.
'कबाली' का श्रेय सौंदर्या रजनीकांत को जाता है- रजनीकांत ने निर्देशक पी रंजीत की आख़िरी फिल्म 'मद्रास' की तारीफ की थी. इसके बाद ही रजनीकांत की बेटी सौंदर्या ने पी रंजीत को रजनीकांत के साथ फिल्म बनाने को कहा था.
कबाली एक बिल्कुल अलग फिल्म हो सकती थी- 'कबाली' फिल्म के डाइरेक्टर पा रंजीत, रंजनीकांत और उनकी बेटी को दो अलग स्क्रिप्ट्स के साथ मिले थे. एक गैंगस्टर की कहानी थी और दूसरी एक साइ-फाइ सूपरनैचुरल. रजनीकांत ने गैंगस्टर वाली स्क्रिप्ट को चुना, वरना आज 'क़बाली' की कहानी कुछ और ही होती.
फिल्म का कोई भी ट्रेलर नहीं है- एक मई को फिल्म के टीज़र और ऑडियो रिलीज़ के बाद दर्शकों को बेसब्री से इसके ट्रेलर का इंतज़ार था. लेकिन फिल्म का कोई ट्रेलर आया ही नहीं. ऐसा लगता है कि फिल्म निर्माता फिल्म का 'मिस्ट्री फैक्टर' बनाए रखना चाहते हैं.
रजनीकांत ने 20 सालों बाद नई टीम के साथ काम किया- रजनीकांत ने हमेशा इंडस्ट्री के जाने माने निर्देशक, सिनेमेटोग्राफर, एकटर्स और यहां तक की क्र्यू के साथ काम किया है. लेकिन फिल्म 'कबाली' में रजनी ने यह ट्रेंड तोड़ते हुए एक नयी टीम के साथ काम किया है.
क़बाली रजनीकांत की अकेली ऐसी फिल्म है जिसमें एसपी बालासुब्रमणियम्म ने गाना नहीं गाया है. 1992 में 'पांडियन' की रिलीज़ के बाद से सिंगर बालासुब्रमणियम्म ने रजनी की हर फिल्म के लिए एक गाना ज़रूर गया है. लेकिन 24 सालों में कबाली रजनीकांत की अकेली ऐसी फिल्म है जिसमें बालासुब्रमणियम्म का एक भी गाना नहीं है.
'नेरूप्पु डा' को सिर्फ़ 20 मिनट में लिखा गया- कबाली फिल्म के इस सुपरहिट गाने ने देश के कई हिस्सों में तहलका मचा दिया है. लेकिन आपको यह जान कर हैरानी होगी कि इस गाने के बोल को अरुणराजा कामराज ने सिर्फ़ 20 मिनट में लिखा है.
सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 'कबाली' रिलीज़ हो चुकी है. लोगों में फिल्म का क्रेज़ इसके रिलीज़ होने से पहले ही देखा जा चुका है. अगर आप अभी भी यह सोच रहे हैं कि फिल्म देखने जाना चाहिए या नहीं, तो यह पढ़कर आपकी दुविधा हल हो सकती है. हम आपको बताने जा रहे हैं 'काबली' से जुड़ी 10 ऐसी बातें जिन्हें जानकर आप भी देखना चाहेंगे रजनीकांत की नई फिल्म 'कबाली'.