World Responsible Nations: चीन, अमेरिका, रूस को पछाड़कर इस लिस्ट में आगे निकला भारत, पाकिस्तान का नंबर कहां?
Responsible Nations Index 2026 यह साफ संदेश देता है कि किसी देश की असली पहचान उसकी ताकत या धन से नहीं, बल्कि उसकी जिम्मेदारी से तय होती है.

वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) की तरफ से जारी किया गया Responsible Nations Index 2026 देशों को देखने का एक नया नजरिया पेश करता है. यह लिस्ट किसी देश की ताकत को उसकी अर्थव्यवस्था, सेना या राजनीतिक प्रभाव से नहीं, बल्कि इस बात से आंकता है कि वह अपने लोगों, पर्यावरण और दुनिया के प्रति कितना जिम्मेदार है.
आज जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और जलवायु संकट से जूझ रही है, तब यह रिपोर्ट उन देशों को सामने लाती है जो न्याय, करुणा और लंबे समय की सोच को प्राथमिकता देते हैं.
Responsible Nations Index क्या है?
Responsible Nations Index (RNI) एक वैश्विक रैंकिंग है, जिसमें 154 देशों का मूल्यांकन किया गया है. यह चार मुख्य आधारों पर देशों को परखता है, जो इस प्रकार है:
नैतिक और पारदर्शी शासन.
सामाजिक कल्याण और नागरिकों की भलाई.
पर्यावरण की सुरक्षा.
वैश्विक जिम्मेदारी और अंतरराष्ट्रीय व्यवहार.
यह सूचकांक GDP या सैन्य ताकत जैसे पारंपरिक मानकों से हटकर यह देखता है कि देश अपनी शक्ति का उपयोग कितनी ईमानदारी और जिम्मेदारी से करते हैं.
2026 के सबसे जिम्मेदार 10 देश
1. सिंगापुर (स्कोर: 0.6194)
2. स्विट्जरलैंड (0.5869)
3. डेनमार्क (0.5837)
4. साइप्रस (0.5774)
5. स्वीडन (0.5740)
6. चेकिया (0.5704)
7. बेल्जियम (0.5690)
8. ऑस्ट्रिया (0.5665)
9. आयरलैंड (0.5634)
10. जॉर्जिया (0.5581)
भारत की रैंकिंग क्या है?
भारत 154 देशों में 16वें स्थान पर रहा है और उसका स्कोर 0.5515 है. भारत ने इस सूची में अमेरिका (66वां) और चीन (68वां) जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है. भारत की यह रैंकिंग स्वास्थ्य, सामाजिक समानता, पर्यावरणीय प्रयासों और जन-केंद्रित शासन में प्रगति को दर्शाती है. इस लिस्ट में पाकिस्तान 154 देशों की सूची में 90वें स्थान पर है. रूस इस लिस्ट में 96नें स्थान पर है.
क्या संदेश देता है यह सूचकांक?
Responsible Nations Index यह साफ करता है कि देश की असली तरक्की ताकत से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से मापी जानी चाहिए. जो देश अपने नागरिकों, प्रकृति और दुनिया के प्रति ईमानदार हैं, वही भविष्य के लिए बेहतर उदाहरण बनते हैं.
ये भी पढ़ें: जंग के साए में बातचीत! अमेरिका-ईरान फिर आमने-सामने, ओमान में होगी अहम बैठक
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























