दुनिया के किसी भी कोने में तबाही मचा सकती हैं ये मिसाइलें, अमेरिका-रूस के अलावा किन-किन देशों के पास?
रूस, अमेरिका और चीन बैलिस्टिक मिसाइल के क्षेत्र में सबसे एडवांस हैं. वहीं, भारत और उत्तर कोरिया तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं.

बैलिस्टिक मिसाइलें लंबी दूरी तक अत्यधिक गति से हमला करने में सक्षम होती हैं. इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) तो महाद्वीपों के पार लक्ष्य को भेद सकती हैं. परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता, मल्टीपल वारहेड (MIRVs) और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की तकनीक इन्हें सबसे खतरनाक हथियार बनाता है. वर्तमान में कुछ ही देशों के पास परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, उत्तर कोरिया, इजरायल शामिल हैं.
Arms control की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में रूस के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाने वाली RS-28 सरमत है. इसे डूम्सडे मिसाइल भी कहा जाता है. यह मिसाइल 18,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और एक साथ कई परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है. इसकी गति और तकनीक ऐसी है कि यह आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे सकती है.
चीन और अमेरिका भी पीछे नहीं
चीन की DF-41 और अमेरिका की Trident II D5 मिसाइलें भी दुनिया की सबसे खतरनाक ICBMs में गिनी जाती हैं. ये मिसाइलें न सिर्फ लंबी दूरी तय करती हैं, बल्कि अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम हैं. अमेरिका और चीन लगातार अपनी मिसाइल क्षमताओं को अपग्रेड कर रहे हैं.
भारत की अग्नि-5 ने बढ़ाया सामरिक दबदबा
भारत की अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल भी दुनिया की टॉप-10 ICBMs की सूची में शामिल है. करीब 7,000 से 8,000 किलोमीटर की रेंज वाली यह मिसाइल भारत की रणनीतिक ताकत का अहम आधार है. रोड-मोबाइल लॉन्च सिस्टम, उच्च सटीकता और भविष्य में MIRVs से लैस होने की संभावना इसे और भी घातक बनाती है. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, अग्नि-5 भारत को एशिया में मजबूत सामरिक बढ़त देती है.
कौन से देश टॉप पर, कौन पीछे?
रूस, अमेरिका और चीन बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक में फिलहाल सबसे आगे हैं. भारत और उत्तर कोरिया तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं. वहीं, पाकिस्तान और ईरान मिसाइल तकनीक पर काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनकी मिसाइलें अभी ICBM की शीर्ष श्रेणी में शामिल नहीं हो पाई हैं.
दुनिया की खतरनाक मिसाइल
अमेरिका के पास Minuteman III नाम की बैलिस्टिक मिसाइल है. ये अमेरिकी न्यूक्लियर ट्रायड का अहम हिस्सा है. इसकी रफ्तार Mach 23 है. नॉर्थ कोरिया के पास Hwasong-15 नाम की बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 13,000 किमी है. ये अमेरिका के पूरे मुख्य भूभाग को निशाना बनाने में सक्षम है. रूस का RS-24 Yars खतरनाम मिसाइल है. इसकी रेंज 11,000 किमी है. इसे मोबाइल और साइलो दोनों से लॉन्च किया जा सकता है. चीन का JL-3 एक खास प्रकार का सबमरीन-लॉन्च्ड ICBM है. इसकी रेंज 10,000–12,000 किमी है. फ्रांस के पास M51 ICBM है. इसकी रेंज 8,000–10,000 किमी है. भारत का Agni-V भी टॉप 10 में शामिल है. इसकी रेंज 7,000–8,000 किमी है. ये ICBM श्रेणी में भारत की सबसे ताकतवर मिसाइल है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























