9/11 के दिन डोनाल्ड ट्रंप कहाँ थे? ग्राउंड ज़ीरो पर होने के उनके दावों की सच्चाई जानिए
रविवार, 6 सितंबर को फॉक्स न्यूज़ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में, ट्रंप ने होस्ट ट्रे गाउडी को बताया कि उन्होंने दूसरे प्लेन को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साउथ टावर से टकराते हुए देखा था.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुद को 9/11 के आतंकी हमलों की घटना के केंद्र में रखने की कोशिश की है. इस बार उनका नया दावा है कि हमले के दौरान फायरफाइटर्स उन्हें उस इमारत से उठाकर ले गए थे, जिसके गिरने का उन्हें डर था.
यह बात मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम में कही गई. यह कार्यक्रम 11 सितंबर 2001 के हमलों की 25वीं बरसी से ठीक पहले इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स (आपातकालीन स्थिति में मदद करने वाले कर्मियों) के सम्मान में आयोजित किया गया था.
फायरफाइटर्स द्वारा बचाए जाने का नाटकीय वर्णन
ट्रंप ने कहा कि हमलों के कुछ ही समय बाद वे कर्मचारियों के एक बड़े समूह को उस इलाके में ले गए थे. उन्होंने बताया कि जब पास की 'वन लिबर्टी प्लाजा' इमारत जिसे उन्होंने "यूनाइटेड स्टेट्स स्टील बिल्डिंग" कहा से चरमराने की आवाज़ आने लगी, तो दो फायरफाइटर्स ने उन्हें पकड़कर वहां से सुरक्षित निकाल लिया.
CNN के अनुसार, ट्रंप ने इस घटना का नाटकीय ढंग से वर्णन करते हुए कहा, "मैं न्यूयॉर्क में एक बड़ी इमारत बनवा रहा था, और घटना के तुरंत बाद मैं अपनी पूरी टीम को वहां ले गया था. यूनाइटेड स्टेट्स स्टील बिल्डिंग चरमरा रही थी, सचमुच चरमरा रही थी, और हमें लगा कि वह गिर जाएगी; सच तो यह है कि उसमें बहुत आवाज़ हो रही थी. वह आज भी चरमराती है. लेकिन वह कभी गिरी नहीं, और मुझे यह याद है. मैं उन दो फायरमैन को कभी नहीं भूलूंगा."
उन्होंने आगे कहा, “हमें लगा कि वह हमारे ऊपर गिर रहा है, और दो फायरमैन बड़े और मज़बूत लोगों, ने मुझे पकड़ा. वे बोले, ‘यहां से निकलना होगा.’ और सचमुच उन्होंने मुझे ऊपर उठा लिया. ऐसा करना आसान नहीं है. मैं भारी-भरकम हूं. उन्होंने मुझे उठाया और मेरे साथ दौड़ने लगे. मैंने कहा, ‘दोस्तों, मैं खुद दौड़ सकता हूं.’ लेकिन वे कमाल के थे; उन्हें लगा कि वह गिर रहा है; हालांकि वह गिरा नहीं.”
ट्रंप के इस नए दावे पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि ऐसा कोई सार्वजनिक सबूत या रिकॉर्ड मौजूद नहीं है जिससे यह पुष्टि हो सके कि उस दिन ट्रंप 'वन लिबर्टी प्लाज़ा' के अंदर थे या फायरफाइटर्स ने उन्हें वहां से निकाला था.
बदलते बयान और अन्य पुराने दावे
यह एकमात्र कहानी नहीं है जो उन्होंने 9/11 को लेकर गढ़ी है. उन्होंने पहले भी कई बार दावा किया है कि उन्होंने हमलों के बाद के हालात देखे हैं और बचाव कार्य में मदद की है, लेकिन उनके बयानों में समय-समय पर काफी फ़र्क देखा गया है.
अगस्त 2026: ‘मैंने दूसरे प्लेन को टकराते हुए देखा’
रविवार, 6 सितंबर को फॉक्स न्यूज़ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में, ट्रंप ने होस्ट ट्रे गाउडी को बताया कि उन्होंने दूसरे प्लेन को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साउथ टावर से टकराते हुए देखा था.
उसी इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि वह न्यूयॉर्क में एक “बड़ी बिल्डिंग” बना रहे थे और हमलों के अगले दिन अपने कंस्ट्रक्शन वर्करों के साथ वहां गए थे. उन्होंने कहा, "उसके बहुत जल्द बाद हम वहां गए, और हमने बहुत मेहनत की."
हालांकि, CNN के अनुसार, जब हमले हुए तो ट्रंप मिडटाउन मैनहट्टन में अपने ट्रंप टॉवर में थे, जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कई किलोमीटर दूर है. बाद में मंगलवार रात एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने सफाई दी कि वह "बिल्डिंग गिरने वाले दिन नहीं, बल्कि उसके कुछ समय बाद" वहां गए थे.
2016: ‘मैंने मलबा हटाने में मदद की’
2016 में बफ़ेलो में एक चुनावी रैली के दौरान भी उन्होंने इसी तरह का दावा किया था. उन्होंने कहा था, “ये लोग दहशत से गुज़र रहे थे. हर वो व्यक्ति जिसने मलबा हटाने में मदद की और मैं वहां था, और मैंने देखा, और मैंने थोड़ी मदद भी की. किसी को नहीं पता था कि हम सब पर क्या गिरने वाला है.”
2015: 'मैंने लोगों को कूदते और जश्न मनाते देखा'
2015 में ट्रंप ने एक अजीब दावा किया था कि उन्होंने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से लोगों को कूदते हुए देखा था. जबकि उनका अपार्टमेंट हमले की जगह से चार मील दूर था, उन्होंने कहा, "बहुत से लोग कूदे, और मैंने यह देखा. मेरे अपार्टमेंट से एक नज़ारा दिखता था... मैंने कम से कम 10 लोगों को कूदते हुए देखा."
उसी साल उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने जर्सी सिटी में "हज़ारों" लोगों (विशेषकर अरब आबादी) को इमारत के गिरने पर जश्न मनाते हुए देखा था. उनके इस दावे का भी कभी कोई प्रामाणिक सबूत नहीं मिला.
ट्रंप की 'ग्राउंड ज़ीरो' टीम की हकीकत क्या है?
ट्रंप ने कई बार कहा है कि हमलों के बाद वे 100 से ज़्यादा कंस्ट्रक्शन वर्करों को 'ग्राउंड ज़ीरो' ले गए थे, लेकिन इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. जब व्हाइट हाउस से इस बारे में पूछा गया, तो बिना हस्ताक्षर वाले एक ईमेल में जवाब दिया गया, "उस समय वे एक आम नागरिक थे; उन्होंने जो कुछ भी किया, उसका हर बार रिकॉर्ड नहीं रखा गया."
बचाव कार्य के दौरान न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट में बटालियन चीफ रहे रिचर्ड एलेस ने 2019 में 'पॉलिटिफैक्ट' को बताया था कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि ट्रंप 'ग्राउंड ज़ीरो' पर मौजूद थे या वहां वर्करों को लाए थे. एलेस ने स्पष्ट किया, "इसका रिकॉर्ड ज़रूर होगा, क्योंकि वहां काम करने वाले सभी लोग पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की देखरेख में काम करते थे." 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने भी एलेस के हवाले से लिखा था, "मैंने खुद वहां कई महीने बिताए, और मैंने उन्हें कभी नहीं देखा."
हमलों के कुछ दिनों बाद 13 सितंबर 2001 को ट्रंप ग्राउंड ज़ीरो के पास ज़रूर दिखे थे. उस दिन उन्होंने जर्मन टीवी चैनल N24 को बताया था कि उनके 100 से ज़्यादा वर्कर वहां मौजूद हैं और 125 और आ रहे हैं. 'एसोसिएटेड प्रेस' ने भी उस समय खबर दी थी कि ट्रंप ने साइट की ओर जा रहे पुलिस अधिकारियों को हाई-फाइव दिया था.
हालांकि, ट्रंप के जीवनी लेखक टिमोथी ओ'ब्रायन ने स्पष्ट किया कि ट्रंप के पास सैकड़ों वर्कर उपलब्ध नहीं रहे होंगे क्योंकि उस समय ट्रंप ऑर्गनाइज़ेशन के वहां बमुश्किल एक दर्जन लोग ही काम कर रहे थे.
ट्रंप ऑर्गनाइज़ेशन की पूर्व कंस्ट्रक्शन एग्जीक्यूटिव बारबरा रेस ने भी इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, "सुनिए, अगर वह वहां होते और उन्हें फायरफाइटर्स साथ ले जा रहे होते, तो अगले दिन यह 'द टाइम्स' की सबसे बड़ी हेडलाइन होती."




















