एक्सप्लोरर

Explained: इंसानी करतूत से लेकर नेताओं के बयान! कैसे हजारों सालों तक इकट्ठा करेगा 'अर्थ ब्लैक बॉक्स', कयामत के बाद कौन खोलेगा?

Earth Black Box: ब्लैक बॉक्स में जानकारी रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका है स्टील की प्लेटों पर अक्षर खोदकर लिखना, जैसे हजारों साल पहले गुफाओं की दीवारों पर शिलालेख लिखे जाते थे.

सोचिए साल 3026... इंसानों का नामोनिशान धरती से मिट चुका है. कोई किताब नहीं, कोई इंटरनेट नहीं, कोई रिकॉर्ड नहीं. तब किसी दूसरी दुनिया से आए लोग ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया टापू पर एक अजीब-सी स्टील की चट्टान के पास पहुंचते हैं. वो चट्टान कोई आम चट्टान नहीं, बल्कि हमारी पूरी कहानी है. हमने क्या पाया, क्या खोया और आखिर हम खत्म कैसे हुए. ये कोई साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं है, बल्कि अभी चल रहा एक असली प्रोजेक्ट है. इसे नाम दिया गया है 'अर्थ ब्लैक बॉक्स.' यह अनोखा प्रोजेक्ट क्या है, कैसे बन रहा है और दुनिया खत्म होने के बाद इसे खोलेगा कौन...

यह अर्थ का ब्लैक बॉक्स क्या है?

आपने हवाई जहाज का ब्लैक बॉक्स तो सुना ही होगा. प्लेन में पायलट की आखिरी बातचीत से लेकर इंजन की हर छोटी-बड़ी हलचल तक उसमें रिकॉर्ड होती है. जब कोई बड़ा हादसा होता है तो इसी ब्लैक बॉक्स से पता चलता है कि आखिर गड़बड़ कहां हुई.

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अब वैज्ञानिकों ने पूरी धरती के लिए एक ऐसा ही ब्लैक बॉक्स बनाना शुरू कर दिया है. इसका काम है धरती की 'सेहत' का हर रिकॉर्ड जुटाना, खासतौर पर वो रिकॉर्ड जो हमें बर्बादी की तरफ ले जा रहे हैं. अगर इंसानी सभ्यता सचमुच खत्म हो गई तो ये बक्सा भविष्य में आने वाली किसी भी सभ्यता को बताएगा कि हमने अपने ग्रह के साथ क्या सलूक किया और आखिर हमारी कहानी का अंत कैसे हुआ.

ये बनेगा कहां और कैसा दिखता है?

rouserlab.com की रिपोर्ट के मुताबिक, ये ब्लैक बॉक्स ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया टापू के एक बेहद सुनसान और सपाट इलाके में बन रहा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक ये जगह भूगर्भीय और राजनीतिक दोनों ही तरीके से बेहद स्थिर है. यानी यहां न तो बड़े पैमाने पर भूकंप आने का डर है और न ही किसी तरह की लड़ाई-झगड़े की आशंका. इस प्रोजेक्ट के पीछे ऑस्ट्रेलिया की बड़ी मार्केटिंग कंपनी क्लेमेंजर BBDO, तस्मानिया यूनिवर्सिटी और दुनिया भर के कई वैज्ञानिकों का ग्रुप काम कर रहा है.

बात करें इसकी बनावट की तो ये कोई मामूली डिब्बा नहीं है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी लंबाई करीब 10 मीटर और चौड़ाई करीब 4 मीटर है. ऊपर से देखने पर ये किसी विशालकाय स्टील की चट्टान जैसा लगता है. इसे बनाने में साढ़े तीन इंच (करीब 7.5 सेंटीमीटर) मोटा स्टील लगा है, ताकि ये तूफान, बाढ़ और आग जैसी बड़ी से बड़ी आपदा झेल सके.

इसके ऊपर सोलर पैनल लगे हैं जो इसे लगातार सूरज की रोशनी से चार्ज करते रहेंगे. जब आसमान साफ होगा तो ये खुद ही अपनी बैटरी भर लेगा और जब मौसम खराब होगा तो बैटरी में जमा ऊर्जा से काम चलाएगा.


Explained: इंसानी करतूत से लेकर नेताओं के बयान! कैसे हजारों सालों तक इकट्ठा करेगा 'अर्थ ब्लैक बॉक्स', कयामत के बाद कौन खोलेगा?

आखिर ये बॉक्स दर्ज करेगा क्या-क्या?

earthsblackbox.com की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ब्लैक बॉक्स का दिमाग बहुत तेज है. ये चौबीसों घंटे इंटरनेट से जुड़कर दुनिया भर से जलवायु से जुड़े आंकड़े खींचता रहेगा. इसकी निगरानी में:

  • हवा का जहर: हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कितनी है और हर साल कितनी बढ़ रही है, इसका लगातार हिसाब रखेगा.
  • बढ़ता पारा: दुनिया का तापमान हर दशक में कितना बढ़ रहा है और किस साल ने सबसे ज्यादा गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ा, सब यहां दर्ज होगा.
  • पिघलती बर्फ और चढ़ता समंदर: ध्रुवों पर जमी बर्फ की चादरें कितनी तेजी से पिघल रही हैं और समुद्र का जलस्तर हर साल कितने मिलीमीटर ऊपर उठ रहा है.
  • जंगलों का कटना: धरती से हर मिनट कितने पेड़ साफ हो रहे हैं और जानवरों की कितनी प्रजातियां हमेशा के लिए गायब हो रही हैं.
  • सरकारों और नेताओं की बातें: ये बक्सा दुनिया भर के नेताओं के बयानों, जलवायु बैठकों में लिए गए फैसलों और वादों को भी रिकॉर्ड करेगा. इससे भविष्य की सभ्यता को ये जानने में आसानी होगी कि जब हम मुसीबत की तरफ बढ़ रहे थे, तब हमारे नेता क्या बोल रहे थे और उन्होंने असल में किया कितना.

इस ब्लैक बॉक्स के अंदर तीन तरीके से जानकारी रखी जाएगी. सबसे भरोसेमंद तरीका है स्टील की प्लेटों पर अक्षर खोदकर लिखना, जैसे हजारों साल पहले गुफाओं की दीवारों पर शिलालेख लिखे जाते थे. हार्ड ड्राइव जैसे डिजिटल स्टोरेज भी होंगे, लेकिन इन्हें चलाने का तरीका बहुत ही बुनियादी और आसान रखा गया है.

जब हम सब खत्म हो जाएंगे, तो इसे पढ़ेगा कौन?

यही इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे रहस्यमयी और मजेदार पहलू है. इस पर इस प्रोजेक्ट के डिजाइनरों का सोचना है कि भविष्य में तीन तरह के 'रीडर्स' इस तक पहुंच सकते हैं:

  • शायद इंसानों की कोई ऐसी पीढ़ी बच जाए जो इस महाविनाश से बच निकलने में कामयाब रहे और वो अपने पुरखों की कहानी जानने यहां तक पहुंचे.
  • हमारे खत्म होने के बाद धरती पर कोई और बुद्धिमान प्रजाति जन्म ले और वो इस रहस्यमयी डिब्बे को खोजे.
  • किसी दूसरे ग्रह की कोई सभ्यता कभी धरती पर आए और उसे ये बक्सा मिल जाए.

जब हम सब रहेंगे ही नहीं तो ये सब करने का क्या फायदा?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ये ब्लैक बॉक्स भविष्य के लिए उतना नहीं बना है जितना आज के लिए बना है. ये एक ऐसा आईना है जो हमारे चेहरे पर रखा गया है. जब दुनिया की सरकारों और आम लोगों को पता होगा कि उनका हर फैसला और हर हरकत एक ऐसे रिकॉर्ड में दर्ज हो रही है जो अंत तक अमिट रहेगा, तो शायद उन पर जलवायु के मोर्चे पर सही काम करने का दबाव बढ़े. ये एक तरह का मनोवैज्ञानिक दांव है. ये चुपचाप खड़ी ये इमारत हर किसी से पूछ रही है, 'तुम सब कुछ जानते हुए भी, बदल क्यों नहीं रहे?'

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

चीन की हरकत पर भड़का अमेरिका, फिलीपींस को दिया साथ का वादा
चीन की हरकत पर भड़का अमेरिका, फिलीपींस को दिया साथ का वादा
एक शर्त और खत्म हो जाएगा युद्ध? पेजेश्कियन ने ट्रंप के लिए ऐसा क्या कहा?
एक शर्त और खत्म हो जाएगा युद्ध? पेजेश्कियन ने ट्रंप के लिए ऐसा क्या कहा?
घायल होने की अटकलों के बीच मोजतबा का नया वीडियो, कहां-किस हाल में हैं?
घायल होने की अटकलों के बीच मोजतबा का नया वीडियो, कहां-किस हाल में हैं?
होर्मुज खोलने को लेकर जेडी वेंस ने दिखाई नरमी तो ईरान ने रख दी ये बड़ी शर्तें
होर्मुज खोलने को लेकर जेडी वेंस ने दिखाई नरमी तो ईरान ने रख दी ये बड़ी शर्तें
Advertisement

वीडियोज

Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)
Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एक शर्त और खत्म हो जाएगा युद्ध? पेजेश्कियन ने ट्रंप के लिए ऐसा क्या कहा?
एक शर्त और खत्म हो जाएगा युद्ध? पेजेश्कियन ने ट्रंप के लिए ऐसा क्या कहा?
मायावती का मोहन भागवत को जवाब, कहा- आरक्षण में छेड़छाड़...
मायावती का मोहन भागवत को जवाब, कहा- आरक्षण में छेड़छाड़...
वाइफ ने वर्ल्ड चैंपियन क्रिकेटर पर लगाए धोखेबाजी के गंभीर आरोप, कहा- कप्तानी छीनी जाए
वाइफ ने वर्ल्ड चैंपियन क्रिकेटर पर लगाए धोखेबाजी के गंभीर आरोप, कहा- कप्तानी छीनी जाए
‘टॉक्सिक’ में इंटीमेट सीन्स पर ट्रोल हुईं कियारा आडवाणी, यश ने हेटर्स को दिया जवाब
‘टॉक्सिक’ में इंटीमेट सीन्स पर ट्रोल हुईं कियारा आडवाणी, यश ने हेटर्स को दिया जवाब
जब PM को संसद में पड़े अंडे... आरोपी नेता ने कहा- शर्म आनी चाहिए आपको
जब PM को संसद में पड़े अंडे... आरोपी नेता ने कहा- शर्म आनी चाहिए आपको
महिला आरक्षण पर छिड़ा घमासान: चिदंबरम आरोप- 'BJP अटकाना चाहती है'
महिला आरक्षण पर छिड़ा घमासान: चिदंबरम आरोप- 'BJP अटकाना चाहती है'
How to Set UPI AutoPay: बिल भरना याद नहीं रहता? PhonePe - Google Pay पर करें UPI AutoPay सेटअप
बिल भरना याद नहीं रहता? PhonePe - Google Pay पर करें UPI AutoPay सेटअप
Relationship Tips: छोटी-छोटी आदतों में करें बदलाव, रिश्तों में बढ़ाएं इमोशनल इंटीमेसी
छोटी-छोटी आदतों में करें बदलाव, रिश्तों में बढ़ाएं इमोशनल इंटीमेसी
Embed widget