Trump Tariff: 'दुनिया के हर देश के साथ जंग में नहीं है अमेरिका', टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट की ट्रंप को दो टूक
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके टैरिफ फैसलों के अधिकारों को नकारा है. साथ ही राष्ट्रपति के द्वारा लिए गए इस तरह के फैसले को गैरकानूनी बताया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूएस सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. यूएस की सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए सख्त टिप्पणी कीं. अदालत ने ट्रंप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ जंग में नहीं है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टैरिफ लगाने का अधिकार संसद को है ना कि राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में है.
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा है?
अमेरिका के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा है कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है. उन्होंने फैसले में कई अहम बिंदुओं पर का भी जिक्र करते हुए ये फैसला दिया है.
सुप्रीम कोर्ट बोला- उन्हें इसके लिए कांग्रेस से अधिकार मिलना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राष्ट्रपति ने एकतरफा अनलिमिटेड अमाउंट, समयावधि और टैरिफ लगाने के स्कोप के संबंध में अधिक पावर का दावा किया है. उस बताए गए अधिकार को संवैधानिक और ऐतिहासिक तौर पर देखते हुए उन्हें इसके लिए कांग्रेस से अधिकार मिलना चाहिए.
ट्रंप के पास इस तरह का कोई अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह सरकार मानती है कि जैसा उसे मानना चाहिए कि शांति के समय टैरिफ लगाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति के पास कोई अधिकार नहीं है.
'कोर्ट चुनौती दिए गए टैरिफ को युद्ध करने की पावर बताकर बचाव नहीं करती'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह चुनौती दिए गए टैरिफ को राष्ट्रपति की युद्ध करने के पावर का इस्तेमाल बताकर, बचाव नहीं करती है. इसके अलावा कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ लड़ाई में शामिल नहीं है. जिन टैरिफ को चुनौती दी गई है, उनका दायरा, अमाउंट और समय असीमित है.
Source: IOCL


























