Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर कराने में उनकी भूमिका के लिए 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है. यूएस हाउस के प्रतिनिधि बडी कार्टर ने नोबेल पीस प्राइज कमेटी को चिट्ठी लिखकर मिडिल ईस्ट संघर्ष को सुलझाने में ट्रंप की भूमिका के बारे में बताया है.
'इजरायल और ईरान के बीच रुकवाई जंग'
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक कार्टर ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व ने इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने में मदद की और दुनिया के सबसे बड़े स्टेट प्रायोजित आतंकवाद वाले देश को परमाणु हथियार पाने से रोका है."
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका के भीतर डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग की जा रही हो. इस साल की शुरुआत में यूएस सांसद डेरेल इस्सा ने भी ट्रंप की 2024 की चुनावी जीत के वैश्विक प्रभाव का हवाला देते हुए उनका नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया था.
ईरान-इजराइल सीजफायर को लेकर ट्रंप का दावा
ईरान-इजराइल के बीच लगातार 12 दिन तक चले जंग के बाद अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से मंगलवार (24 जून 2025) को सीजफायर हो चुका है. ट्रंप ने कहा, "सभी को बधाई, ईरान और इजराइल के बीच पूर्ण और अंतिम सीजफायर पर सहमति बन गई है. इजरायल और ईरान लगभग एक साथ मेरे पास आए और शांति की गुहार लगाई. मुझे पता था कि अब समय आ गया है. दुनिया और पश्चिम एशिया ही असली विजेता हैं."
ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की PAK ने की सिफारिश
पाकिस्तान ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की है. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार समिति को औपचारिक रूप से एक पत्र भेजा है, जिसमें हाल ही में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देने की सिफारिश की गई है.
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का क्रेडिट अमरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार खुद को दे चुके हैं. हालांकि भारत ने हर मौके पर साफ किया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से बात कर कई बार सीजफायर का आग्रह किया, जिसके बाद भारत सीजफायर के लिए राजी हुआ था.