ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कुछ दिन पहले अमेरिका और इजरायल पर जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (31 अक्तूबर 2026) को रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान में अभी भी कुछ ऐसे टारगेट बाकी है, जिस पर अमेरिकी सेना हमला कर सकती है.
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने पहले ही ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को कमजोर कर दिया है. इसके अलावा एक या दो साइटों पर हमारी नजर है, जिसे खत्म करने के लिए महज 10 मिनट का टाइम लगेगा. उन्होंने खासतौर पर ईरान के नटान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास एक संदिग्ध अंडरग्राउंड न्यूक्लियर कैंप पिकैक्स माउंटेन का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका की नजर उस पर है.
मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिका फिर कर सकता है हमला
MS नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन 3 नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के एक दिन बाद ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे संभावित रूप से दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को देखने को मिल सकता है. ट्रंप की हलिया बयान ने सैन्य कार्रवाई की संभावित आशंका के बारे में अटकलें बढ़ा दी हैं, हालांकि उन्होंने कहा है कि अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयास कर रहा है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है, हालांकि उन्होंने तेहरान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. इससे पहले शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर कोई फैसला नहीं लिया है और अमेरिका राजनयिक समाधान के लिए रास्ते खुले हुए हैं.
ईरान के सुप्रीम लीडर का ऑर्डर
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने हाल ही में एक लिखित मैसेज के जरिए देश की सेना को आदेश दिया है. उन्होंने दुश्मन के किसी भी खतरे के लिए तत्काल और प्रभावशाली रूप से तैयार रहने का आदेश दिया है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल से संबंधित किसी भी तरह के टारगेट की लिस्ट बनाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा सेना को गोला-बारूद और हथियारों का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है.
