मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी चरम पर है. अमेरिकी और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए जारी कोशिशों के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने बुधवार (20 मई) को कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है, इसलिए वह ईरान से सही जवाब मिलने तक कुछ दिनों का इंतजार करने को तैयार हैं.

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एयर फोर्स वन से उतरने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यूएस प्रेसिडेंट ने कहा कि बातचीत 'बिल्कुल नाजुक मोड़ पर' है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कूटनीति फेल रही तो स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है.

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क्या बोले ट्रंप?

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि या तो कोई ठोस डील होगी या फिर अमेरिका कोई 'कड़ा कदम उठाएगा. ट्रंप ने कहा कि 'वह ज्यादा लोगों की जान जाते हुए नहीं देखना चाहते, इसलिए वे जल्दबाजी में नहीं हैं और ईरान के जवाब का कुछ दिन इंतजार करेंगे.' उन्होंने साफ किया, 'अगर हमें सही जवाब नहीं मिले, तो सैन्य कार्रवाई बहुत तेजी से होगी. हमारी तैयारी पूरी है. हमें ईरान से 100 प्रतिशत सही जवाब चाहिए.'

इससे पहले ट्रंप ने सोमवार (18 मई) को एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह ईरान पर हवाई हमले का आदेश देने से केवल 'एक घंटे की दूरी' पर थे, लेकिन उन्होंने इसे टाल दिया. ट्रंप के मुताबिक, 'सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नेताओं की अपील के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, खाड़ी देशों के नेताओं ने उनको भरोसा दिलाया है कि गंभीर बातचीत चल रही है और एक ऐसी डील जरूर होगी, जिसमें ईरान के परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी शामिल होगी.

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ईरान का पलटवार

दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनकी तरफ से बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि दबाव डालकर ईरान को सरेंडर करने पर मजबूर करना सिर्फ एक भ्रम है. पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने हमेशा अपने वादों को निभाया है और युद्ध टालने की कोशिश की है. उन्होंने कहा, 'डिप्लोमेसी में आपसी सम्मान, युद्ध की तुलना में कहीं ज्यादा समझदारी भरा, सुरक्षित और टिकाऊ रास्ता है.'

ईरान ने समझौते के लिए अपनी पुरानी मांगें फिर दोहराई हैं, जिनमें विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई ईरानी संपत्तियों को छोड़ना और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करना शामिल है. ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत के बहाने नए युद्ध की जमीन तैयार कर रहा है.

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