ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन पर मंगलवार रात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के लोगों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहा है. ट्रंप ने लिखा, 'ईरान के देशभक्तों विरोध जारी रखो, अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो. हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखो. उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.'
ट्रंप का ईरानी प्रदर्शनकारियों को संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'जब तक प्रदर्शनकारियों की बेवजह हत्याएं बंद नहीं हो जाती तब तक मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद रास्ते में है.' हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ये स्पष्ट नहीं किया कि 'मदद रास्ते में है' का सटीक मतलब क्या है. उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहरा होने का संकेत देता है. ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सख्त विकल्प पर विचार कर रही है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने 12 जनवरी को बताया था कि ईरान पर एयरस्ट्राइक उन कई विकल्पों में से एक थे जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे थे. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कूटनीति हमेशा पहला विकल्प है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बासी अरागची कह चुके हैं कि ईरान अमेरिका से बातचीत को तैयार है और जंग के लिए भी तैयार है.
ईरान में मरने वालों की संख्या 2 हजार पहुंची
ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण भड़का विरोध प्रदर्शन देश के 31 प्रांतों में फैल गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या 2000 के करीब पहुंच गई और 10,700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया. हालांकि ईरान सरकार ने आधिकारिक हताहतों के आंकड़े जारी नहीं किए हैं.
ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर लगाया टैरिफ
अमेरिका ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (12 जनवरी 2026) को घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ कारोबार करेंगे, उन पर अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा.
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