ईरान के साथ शांति समझौता करने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी तक भले सफल नहीं हुए हों, लेकिन घर में उन्होंने एक बड़ी 'डील' फाइनल कर ली है. ट्रंप ने इनलैंड रेवेन्यू सर्विस (IRS) के खिलाफ 10 अरब डॉलर (7.5 अरब पाउंड) का मुकदमा वापस ले लिया है. यह मुकदमा उनके टैक्स रिटर्न लीक होने से जुड़ा था. इसके बदले में अधिकारियों ने टैक्स से जुड़ी कोई भी कार्रवाई या जांच न करने का फैसला किया है.

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ट्रम्प की टैक्स ऑडिट की चिंता खत्म

मंगलवार (19 मई)  को जारी किए गए एक आधिकारिक डॉक्यूमेंट से यह जानकारी सामने आई है. इस फैसले के साथ ही ट्रम्प की टैक्स ऑडिट की चिंता भी खत्म हो गई. US जस्टिस डिपार्टमेंट ने IRS पर ट्रंप, उनके परिवार और उनकी कंपनियों का टैक्स ऑडिट करने पर 'हमेशा के लिए रोक' लगा दी है. यह फैसला ट्रंप के टैक्स रिटर्न लीक होने के मामले में अपना 10 बिलियन डॉलर का मुकदमा वापस लेने पर सहमति जताने के बाद लिया गया.

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कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टोड ब्लैंच की ओर से जारी दस्तावेज में साफ कहा गया है कि अमेरिकी सरकार, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार से पहले दाखिल किए गए किसी भी टैक्स रिटर्न की जांच नहीं कर सकती है. इसके अलावा उन सभी मामलों पर भी रोक लगा दी गई है जो उठाए गए थे या भविष्य में उठाए जा सकते थे.'

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ट्रंप-IRS के बीच हुई डील

यह नया आदेश उस समझौते का हिस्सा है, जो सोमवार (18 मई) को राष्ट्रपति ट्रंप और आईआरएस के बीच हुआ था. इस समझौते के तहत डोनाल्ड ट्रंप अपने टैक्स रिटर्न लीक होने के मामले में अमेरिकी सरकार पर किया गया 10 बिलियन डॉलरका मुकदमा वापस लेने पर राजी हो गए हैं.

बनाया जाएगा स्पेशल फंड

समझौते की शर्तों के मुताबिक, केवल ऑडिट पर रोक ही नहीं लगाई गई है, बल्कि अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बड़ा फंड बनाने का भी फैसला किया है. विभाग ने करीब 1.8 बिलियन डॉलर का एक स्पेशल फंड तैयार किया गया है. इस पैसे का इस्तेमाल उन लोगों को मुआवजा देने के लिए किया जाएगा, जो राजनीतिक या दुर्भावनापूर्ण सरकारी कार्रवाई का शिकार हुए हैं.

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ट्रंप पर इससे पहले 90 दिनों में अरबों के शेयर खरीदने को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं, जिससे वॉशिंगटन में हितों के टकराव की चिंता बढ़ गई. ट्रंप या उनके सलाहकारों ने इस साल के शुरुआती तीन महीनों में 3700 से ज्यादा स्टॉक ट्रेड किए थे. इस खुलासे के बाद ट्रंप पर नई जांच शुरू हो गई. ट्रेडिंग एक्टिविटी के इस लेवल ने वॉल स्ट्रीट के धुरंधर भी हैरान रह गए. 

ब्लूमबर्ग ने सबसे पहले इन खुलासों की रिपोर्ट दी थी, जिसमें अमेरिका की कुछ सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एयरोस्पेस और मीडिया कंपनियों में करोड़ों डॉलर की ट्रेडिंग एक्टिविटी दिखाई गई थी. आसान शब्दों में कहें तो, इस साल जनवरी और मार्च के बीच ट्रंप ने औसतन हर दिन 40 से ज़्यादा ट्रेड किए. यह पिछली तिमाही से एक बड़ी उछाल है, जब 2025 के आखिरी तीन महीनों में करीब 380 ट्रेड्स का खुलासा हुआ था.

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