अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने अलास्का में तैनात करीब 1,500 सक्रिय ड्यूटी सैनिकों को मिनेसोटा में संभावित तैनाती के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है. दरअसल, मिनेसोटा में सरकार की डिपोर्टेशन ड्राइव के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने ही देश के राज्य में सेना को तैनात कर रहे है.

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अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रॉयटर्स ने रविवार (18 जनवरी, 2026) को बताया कि सेना ने इन यूनिटों को तैनात करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है, ताकि मिडवेस्टर्न राज्य में हालात के हिंसक होने की स्थिति में उन्हें तुरंत भेजा जा सके. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में किसी सैनिक को भेजा जाएगा या नहीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने राज्य के अधिकारियों को दी थी धमकी

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वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को चेतावनी दी थी कि अगर राज्य के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को इमिग्रेशन अधिकारियों को निशाना बनाने से नहीं रोकते हैं, तो वह इंसरेक्शन एक्ट के तहत सैन्य बलों की तैनाती कर सकते हैं. यह धमकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंटों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद दी गई.

हालांकि, अगर सैनिकों को तैनात किया जाता है, तो यह साफ नहीं है कि ट्रंप प्रशासन इंसरेक्शन एक्ट को औपचारिक रूप से लागू करेगा या नहीं. इस कानून को लागू किए बिना भी राष्ट्रपति कुछ घरेलू उद्देश्यों के लिए सक्रिय ड्यूटी बलों को तैनात कर सकता है. ट्रंप ने पिछले साल लॉस एंजेलिस में मरीन सैनिकों को भेजने के लिए इसी तर्क का हवाला दिया था.

इमिग्रेशन एजेंटों की बढ़ोतरी के बाद सैनिकों की धमकी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘अगर मिनेसोटा के भ्रष्ट राजनेता कानून का पालन नहीं करते और प्रोफेशनल उपद्रवियों व विद्रोहियों को ICE के देशभक्त अधिकारियों पर हमला करने से नहीं रोकते, जो सिर्फ अपना काम कर रहे हैं, तो मैं इंसरेक्शन एक्ट लागू करूंगा.’

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