अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता पैदा करने वाली कार्रवाइयों में वृद्धि को लेकर शनिवार (1 नवंबर) को बीजिंग पर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने साउथ एशिया के देशों को टेक्नोलॉजी देकर समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि वे चीनी खतरों का मिलकर जवाब दे सकें.
पीट हेगसेथ ने कुआलालंपुर में सहयोगी देशों ऑस्ट्रेलिया, जापान और फिलीपींस के मंत्रियों के साथ बातचीत की. हेगसेथ ने आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के सामने साझा समुद्री क्षेत्र जागरूकता के निर्माण का प्रस्ताव रखा. इस दौरान उन्होंने कहा कि चीन ने उनकी क्षेत्रीय संप्रभुता को खतरा पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि आप इसे दक्षिण चीन सागर और अन्य जगहों पर चीन की आक्रामकता से पैदा हुए खतरों के रूप में देखते हैं, जिनका हम सभी सामना कर रहे हैं.
'चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मिलकर काम करना होगा'इस दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि हमें चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मिलकर अपनी क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता है. समुद्र की निगरानी करने के लिए ऐसे उपकरण विकसित करेंगे जो तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम हों. हेगसेथ ने कहा कि कोई भी संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह इनोवेट नहीं कर सकता है, इसलिए हम उस टेक्नोलॉजी को अपने सहयोगियों और साझेदारों को देने के लिए उत्सुक हैं.
हेगसेथ की यह टिप्पणी ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और अमेरिका के सशस्त्र बलों द्वारा दक्षिण चीन सागर में किए गए अभ्यास के एक दिन बाद आई है. इस गश्त को लेकर चीनी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि इससे शांति और स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है चीनबता दें कि बीजिंग अपने मैप पर एक लाइन के माध्यम से लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है, जो ब्रुनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के विशेष आर्थिक क्षेत्रों के कुछ हिस्सों को ओवरलैप करती है. चीन ने अपनी मुख्य भूमि से सैंकड़ों किलोमीटर दूर तटरक्षक जहाजों का एक बेड़ा तैनात कर रखा है, जो बार-बार फिलीपींस के जहाजों से टकराता रहता है. इसके अलावा चीन पर मलेशिया और वियतनाम की ऊर्जा गतिविधियों को भी बाधित करने का आरोप लगता है.
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