अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (14 मई) को कहा कि ईरान को बातचीत में अमेरिका की घरेलू पॉलिटिकल या फाइनेंशियल चिंताओं का फायदा उठाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने साथ ही यह भी कहा है कि वॉशिंगटन पर किसी बुरी डील को मानने के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा.
'हमारी फाइनेंशियल हालत का फायदा नहीं उठा सकता ईरान' ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्को रुबियो ने कहा कि ईरानी इसे फायदे के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकते. उन्होंने साफतौर पर कहा कि हम ईरान को अमेरिकियों की फाइनेंशियल हालत का फायदा उठाने की इजाजत नहीं देंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अगर उन्हें लगता है कि वे हमारी घरेलू पॉलिटिक्स का इस्तेमाल करके उन पर किसी बुरी डील के लिए दबाव डालेंगे तो ऐसा नहीं होगा.
पाकिस्तान में हुई अमेरिका ईरान की शांति वार्ता असफल होने के बाद से एक ओर जहां अमेरिकी नेवी ने ईरानी बंदरगाहों समेत होर्मुज स्ट्रेट पर नेवल ब्लॉकेड लगा रहा है तो वहीं दूसरी ओर इसके जवाब में ईरान की आईआरजीसी ने होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है. इस कारण भारत समेत दुनियाभर के तेल जहाजों को होर्मुज से गुजरने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस ब्लॉकेज के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है.
चीन को ईरान पर दबाव बनाना चाहिए- मार्को रुबियो मार्को रुबियो ने हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू और व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में कहा कि चीन को ईरान पर दबाव बनाना चाहिए क्योंकि होर्मुज में अस्थिरता चीन के अपने हितों को नुकसान पहुंचा रही है. चीनी जहाज फंस गए हैं. मार्को रुबियो ने कहा कि ये चीन के हित में है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करना बंद करे. उन्होंने UN में प्रस्ताव का जिक्र करते हुए चीन से ईरान पर दबाव डालने की उम्मीद जताई है.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर होर्मुज में संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका सबसे बड़ा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है और अगर समुद्री व्यापार प्रभावित होता है दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं कमजोर होती हैं तो दूसरे देश कम चीनी सामान खरीदेंगे, जिससे चीन के निर्यात में भारी गिरावट आ सकती है.
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