ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान के तेल और गैस संयंत्रों पर हमला होता है तो वह मिडिल ईस्ट में मौजूद एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

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ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में सेना के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों या बंदरगाहों पर सीमित हमला भी गंभीर जवाबी कार्रवाई को जन्म देगा. प्रवक्ता ने कहा, "हम हमलावर सरकार और उसके सभी सहयोगियों को चेतावनी देते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और बंदरगाहों पर जरा सा भी हमला हुआ तो हमारी तरफ से बहुत ही जोरदार जवाब दिया जाएगा. ईरान की जवाबी कार्रवाई से विनाश होगा." 

अमेरिका और इजरायल को खुली धमकी बयान में कहा गया, "ऐसी आक्रामकता की स्थिति में इस क्षेत्र के सभी तेल और गैस बुनियादी ढांचे जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों की भी संपत्ति है, उन सबको जलाकर नष्ट कर दिया जाएगा. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और इस संघर्ष के चलते व्यापक पैमाने पर हमले हो रहे हैं. 

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अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर 5,500 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें 60 से अधिक जहाजों पर हमले भी शामिल हैं. ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तनाव बढ़ने के संभावित परिणामों के बारे में अतिरिक्त चेतावनी जारी की है.

क्या बोले अली लारीजानी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ईरान के बिजली ढांचे पर हमले से पूरे क्षेत्र को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. लारीजानी ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं तो पूरा क्षेत्र आधे घंटे से भी कम समय में अंधेरे में डूब जाएगा और अंधेरा अमेरिकी सैनिकों को जान बचाने के लिए भागने का भरपूर मौका देगा."

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