ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार 2 अमेरिकी युद्धपोतों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, जानें इसका क्या है मतलब
US Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान की पाकिस्तान में पीस टॉक के बीच 2 अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं. ट्रंप ने कहा कि हम अब होर्मुज स्ट्रेट को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं.

अमेरिका-ईरान की पाकिस्तान में (US Iran Peace Talks in Pakistan) शांति वार्ता के बीच 2 अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं. ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब ऐसा हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने इस रणनीतिक जलमार्ग को साफ करना शुरू कर दिया है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर बिना किसी समस्या के जलडमरूमध्य से गुजर गए. अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने कहा कि यह ऑपरेशन तेहरान के अधिकारियों के साथ समन्वय में नहीं किया गया था.
ट्रंप ने क्या बताया
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा, "हम अब होर्मुज स्ट्रेट को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं." उन्होंने इसे चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों के लिए फेवर बताया, जिनमें यह काम खुद करने का साहस या इच्छाशक्ति नहीं है." उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष में ईरान को भारी नुकसान हो रहा है.
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रणनीतिक जलडमरूमध्य में ईरानी खदानें जिससे दुनिया के कच्चे तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है अभी भी खतरा बनी हुई हैं. ट्रम्प ने लिखा, "उनके पास एकमात्र सहारा यह खतरा है कि कोई जहाज उनकी समुद्री खदानों में से किसी एक से टकरा सकता है." अमेरिकी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों पर टिप्पणी के लिए एएफपी के सवालों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया.
ईरान ने ब्लॉक कर रखा है होर्मुज
ईरान के तट से दूर स्थित प्रमुख समुद्री परिवहन मार्ग को तेहरान ने लगभग पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जब से अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बमबारी शुरू की थी, हालांकि जलडमरूमध्य को फिर से खोलना इस सप्ताह की शुरुआत में लागू किए गए अस्थिर युद्धविराम की एक शर्त थी.
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने शनिवार को पाकिस्तान में बातचीत शुरू की, जिसका मकसद संघर्ष को समाप्त करना है जिसने मिडिल ईस्ट में क्राइसिस पैदा कर दी है और विश्व अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है. इससे पहले एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि तेल खरीदने के लिए दुनिया भर से खाली टैंकर अमेरिका की ओर आ रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.
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