कितने खतरनाक हैं F-16 फाइटर जेट, जिनसे पाकिस्तान ने जेडी वेंस के विमान को किया एस्कॉर्ट? देखें वीडियो
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उनके विमान को पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा दी.

US Iran Peace Talks in Pakistan: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं. उनके विमान को पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया, जो इस दौरे की संवेदनशीलता को दर्शाता है.
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के विमान को पाकिस्तान के एयरस्पेस में पांच F-16 लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा घेरा देकर इस्लामाबाद तक पहुंचाया. अमेरिकी वायुसेना के Boeing C-32A विमान को नूर खान एयरबेस पर सुरक्षित लैंड कराया गया.
जानें कितना है पॉवरफुल
- डिज़ाइन और संरचना: यह एक हल्का (Lightweight) लड़ाकू विमान है, जिसे पहले जनरल डायनेमिक्स ने बनाया था और अब लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित किया जाता है.
- फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम: इसमें कंप्यूटर आधारित फ्लाई-बाय-वायर तकनीक है, जो इसे ज्यादा स्थिर और बेहद फुर्तीला बनाती है.
- शक्तिशाली इंजन: इसमें प्रैट एंड व्हिटनी F100 या जनरल इलेक्ट्रिक F110 इंजन लगा होता है, जो इसे 2400 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार देता है.
- शस्त्रागार (Armament): यह विमान AIM-9 साइडविंडर, AIM-120 AMRAAM मिसाइलों के साथ-साथ कई प्रकार के गाइडेड बम ले जा सकता है.
- उन्नत रडार और एवियोनिक्स: इसमें AN/APG-66/68 रडार, लेज़र रेंज फाइंडर और 30 डिग्री झुकी पायलट सीट होती है, जिससे पायलट उच्च G-फोर्स सहन कर सकता है.
- मल्टीरोल क्षमता: यह विमान दिन-रात और हर मौसम में हवाई युद्ध (Air-to-Air) और जमीनी हमले (Ground Attack) दोनों मिशन करने में सक्षम है.
🇺🇸🇮🇷🇵🇰 Footage of Pakistani fighter jets escorting JD Vance to Islamabad.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 11, 2026
Iran sent 3 planes when their negotiating team flew in, 2 of which were decoys, in case Netanyahu got any ideas about trying to assassinate them.pic.twitter.com/Sr9oJFLgff https://t.co/bsB5dbcuMU
आज होगी अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक वार्ता
जेडी वेंस आज ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करेंगे. यह वार्ता बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय आमने-सामने की सबसे बड़ी बातचीत होगी.
दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल में बड़े चेहरे शामिल
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं. वहीं ईरानी टीम का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची कर रहे हैं.
ईरान ने जताया अविश्वास
बातचीत से पहले ही ईरान की ओर से अमेरिका पर भरोसे की कमी साफ दिखाई दे रही है. ईरानी संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ ने कहा कि उनकी मंशा अच्छी है, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव हमेशा टूटे वादों और असफलता से भरा रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान से रचनात्मक तरीके से बातचीत करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों के बीच स्थायी समाधान की दिशा में मदद करना चाहता है.
वार्ता से पहले शर्तों को लेकर मतभेद
इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की शर्तों को लेकर मतभेद सामने आ चुके हैं. ट्रंप प्रशासन ने 15 बिंदुओं का एक ढांचा तैयार किया है, जिसमें ईरान से समृद्ध यूरेनियम छोड़ने और सैन्य क्षमताओं पर नियंत्रण की मांग की गई है. वहीं ईरान ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें मुआवजे की मांग और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की बात कही गई है. इस बीच लेबनान और इजरायल के बीच भी अगले सप्ताह बातचीत की तैयारी हो रही है. हाल ही में हुए हमलों के बाद मिली अस्थायी राहत ने अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने का मौका दिया है.





















