US Iran Peace Talks in Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फेल, अब पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के सामने रखी ये डिमांड
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हो रही बातचीत फेल हो गई है. जेडी वेंस के वॉशिंगटन रवाना होने के बाद पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका दोनों देशों के सामने डिमांड रखी है.

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हो रही बातचीत फेल हो गई है. जेडी वेंस ने ऐलान करते हुए कहा कि ईरान ने हमारी शर्तें स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद जेडी वेंस ईरान को बिना बताए वाशिंगटन रवाना हो गए हैं. इस बीच पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका दोनों देशों के सामने डिमांड रखी है.
पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के मुताबिक कहा, 'पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका से कहा है कि वो सीजफायर की डेडलाइन को बढ़ा दें.' हालांकि अब देखना होगा कि ईरान और अमेरिका उसकी इस मांग को स्वीकार करते हैं या नहीं. बता दें कि दोनों देश 14 दिनों के सीजफायर पर सहमत हुए थे.
अमेरिका की मुख्य मांगें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान से शून्य यूरेनियम संवर्धन (zero enrichment) की मांग की. लगभग 900 पाउंड यूरेनियम के भंडार को देश से हटाने की शर्त रखी. इतना ही नहीं अमेरिका अपनी शर्तों पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा का प्रबंधन करना चाहता है. इन्हीं सब के चलते ये वार्ता फेल हो गई.
पाकिस्तान के गाल पर जोरदार तमांचा
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान की नकाबिलियत एक बार फिर दुनिया के सामने आई है. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का टूटना कहीं न कहीं शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसीम मुनीर के गाल पर जोरदार चांटा है. 24 घंटे में ही दुनिया ने पाकिस्तान की औकात देख ली. बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौता प्रक्रिया का नेतृत्व आसीम मुनीर ही कर रहे थे, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पसंदीदा फील्ड मार्शल बताते हैं.
मुनीर की छवि को गहरा धक्का
ऐसे में जब पीस टॉक पूरी तरह से विफल हो चुकी है तो ट्रंप की नजर में अब आसीम मुनीर की क्या औकात रहेगी. आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल होने की वजह से मुनीर को पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली शख्स माना जाता है. इस शांति वार्ता के विफल होने से आसीम मुनीर के छवि और लीडरशिप क्षमता को करारा झटका लगा है.
ट्रंप से नजदीकी बढ़ाने में जुटे थे मुनीर
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के तुरंत बाद से ही आसीम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ तालमेल बनाना शुरू किया था. फील्ड मार्शल मुनीर ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) की जानकारी के आधार पर 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम विस्फोट के कथित मास्टरमाइंड को पकड़कर अमेरिका को सौंप दिया था. ट्रंप इससे इतने खुश हुए थे कि उन्होंने अपने कांग्रेस के पहले संबोधन में इसका जिक्र किया था.
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Source: IOCL

























