अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच ओमान में दोनों पक्ष बातचीत की टेबल पर साथ आए. बातचीत के दौरान ईरान ने यूरेनियम एनरिचमेंट खत्म करने या इसे देश से बाहर ले जाने की अमेरिकी मांगों को खारिज कर दिया. ओमान की मध्यस्थता में हुई बातचीत में जिन मुद्दों पर मतभेद थे उस पर कोई सहमति नहीं बनी. हालांकि दोनों पक्ष तनाव बढ़ने से बचने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए.

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यूरेनियम एनरिचमेंट को नहीं रोकेगा ईरान

तेहरान ने दो टूक कहा है कि वह अपने यूरेनियम एनरिचमेंट को नहीं रोकेगा या ईरान से बाहर भी नहीं ले जाएगा. ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक ओमान की राजधानी मस्कट में हुई बातचीत के बाद विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'किसी भी बातचीत में धमकियों और दबाव से बचना जरूरी है. तेहरान केवल अपने परमाणु मुद्दे पर चर्चा करता है. हम अमेरिका के साथ किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं करते हैं. मुझे लगता है कि हम एक अच्छे समझौते पर पहुंच जाएंगे.'

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ईरान ने अन्य मुद्दों पर बात करने से इनकार किया

ईरान का परमाणु कार्यक्रम इन चर्चाओं का हिस्सा होना तय था. हालांकि बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि इसमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें और मध्य पूर्व में उग्रवादी समूहों को दिए जा रहे उसके समर्थन का मुद्दा भी शामिल होना चाहिए. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने इसे खारिज करते हुए कहा, 'हम अमेरिकियों के साथ किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं कर रहे हैं.' ओमान में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुश्नर कर रहे हैं.

क्या है ट्रंप की मांगें?

व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने इस बैठक से पहले कहा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए दुनिया भर के देशों से निपटने के मामले में कूटनीति हमेशा पहला विकल्प होता है, चाहे वे हमारे सहयोगी हों या हमारे दुश्मन. राष्ट्रपति ने ईरानी शासन से अपनी मांगों के बारे में काफी साफ तौर पर बताया है. जीरो परमाणु क्षमता के बारे में उन्होंने बहुत साफ कहा है, और वह देखना चाहते हैं कि क्या कोई डील हो सकती है.'