अमेरिका ने तीसरी रात भी बरपाया कहर, ईरान के ड्रोन-मिसाइल ठिकाने तबाह, ट्रंप बोले- 'न्यूक्लियर साइट उड़ा देंगे'
US Iran Conflict: अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. इसके अलावा ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को धमकी दी है.

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की ड्रोन, मिसाइल और समुद्र पर नजर रखने की ताकत को कमजोर करना है, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कारोबारी जहाज सुरक्षित रह सकें.
CENTCOM ने बताया हमलों का उद्देश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया. सेना के अनुसार, ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर उसकी हमला करने की क्षमता को लगातार कमजोर किया जा रहा है.वहीं, ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास, किश द्वीप, बुशहर प्रांत के जम शहर और क़ेश्म द्वीप में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए.
At 4:45 p.m. ET today, U.S. Central Command began launching the third consecutive night of strikes against Iran, at the Commander in Chief's direction. These strikes will continue imposing a heavy cost on Iranian forces and degrade their ability to attack innocent civilians and…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026
ट्रंप ने 'पिकऐक्स माउंटेन' को बनाया निशाना
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि सैन्य कार्रवाई अभी और जारी रह सकती है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अभियान दो से तीन सप्ताह तक चल सकता है. उन्होंने ईरान के पहाड़ों के भीतर बने अत्यधिक सुरक्षित कुह-ए-कोलांग गज-ला, जिसे पिकऐक्स माउंटेन कहा जाता है, को भी संभावित निशाना बताया. ट्रंप ने कहा कि ईरान को इसके लिए तैयार रहना चाहिए.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा विवाद
तनाव के बीच अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के खिलाफ फिर से समुद्री नाकाबंदी लागू करने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि ईरानी जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जबकि अन्य देशों के जहाजों से सुरक्षा के बदले 20 फीसदी शुल्क लिया जाएगा.
ट्रंप ने खुद को गार्जियन ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बताते हुए कहा कि यह कदम समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है.
ईरान ने अमेरिकी दावे को किया खारिज
CENTCOM ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं है और अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक ठिकानों पर हमले किए हैं. हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है और अमेरिका का हस्तक्षेप अवैध है.
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि हालात और बिगड़े तो इसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की.























