US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. अमेरिका ने ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि वह सार्वजनिक रूप से यह ऐलान करे कि  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा और व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद किए जाएंगे. अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

Continues below advertisement

ईरान को अमेरिका का 24 घंटे का अल्टीमेटम

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरान को स्पष्ट संदेश भेजा है कि वह सार्वजनिक रूप से  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुले रखने और कारोबारी जहाजों पर हमले रोकने की प्रतिबद्धता जताए. रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह संदेश ईरान तक सीधे और क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए पहुंचाया गया है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "अगर कल तक यह ईरान की आधिकारिक स्थिति नहीं होती, तो उसके लिए दिन अच्छा नहीं होगा."

Continues below advertisement

अमेरिका की क्या हैं मांगें?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि ईरान खुलकर यह घोषणा करे कि  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी और उन पर किसी तरह का हमला नहीं किया जाएगा. अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान यह भी स्वीकार करे कि उसने पहले जो कार्रवाई की, वह गलत थी. साथ ही यह भरोसा भी दे कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी समुद्री व्यापार मार्ग खुले रहेंगे और उन पर किसी तरह का शुल्क (टोल) नहीं लगाया जाएगा.

हमलों को समझौते का उल्लंघन मान रहा अमेरिका

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) का उल्लंघन किया है. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने कारोबारी जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिका को दो बार जवाबी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी.

ये भी पढ़ें : 'गिरफ्तार करें या मार दें या फिर भी लौटूंगी', शेख हसीना का बांग्लादेश वापसी का बड़ा ऐलान

ओमान में होगी अहम बैठक

तनाव के बीच शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ईरानी और ओमानी अधिकारियों के बीच अहम बैठक होने वाली है. अमेरिका को उम्मीद है कि इस बैठक में ईरान  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराएगा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी ओमान पहुंचेंगे. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह दौरा पिछले एक-दो महीनों से ओमान के साथ चल रही वार्ताओं का ही हिस्सा है. बातचीत का मुख्य फोकस  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और समुद्री जहाजों की सुरक्षा रहेगा.

क्यों अहम है  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका और ईरान के बीच यह जलमार्ग लंबे समय से विवाद का केंद्र बना हुआ है. अमेरिका और इजरायल द्वारा फरवरी के अंत में शुरू किए गए सैन्य अभियान के जवाब में ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था. अब अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से इसकी सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की गारंटी दे, ताकि वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित न हो.