अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध थमता हुआ नजर आ रहा है. दोनों ही देश एक बार फिर से समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यूएस ने ईरान पर बहुत भयानक अटैक प्लान कर लिया था. ट्रंप का कहना है कि यह हमला विश्व युद्ध की तरह होता. दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिका को आंख दिखाई है. उसके विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर यूएस कोई हिमाकत करेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'बहुत बड़ा हमला होने वाला था. यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला होता, लेकिन ईरान ने हमसे ऐसा न करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, कृपया ऐसा मत कीजिए. उनके पड़ोसियों ने भी यही कहा, इसलिए हम बस यह देखेंगे कि क्या हम परमाणु हथियार खत्म करने की दिशा में कोई समझौता कर सकते हैं या नहीं.'
यूएई-कतर और सऊदी ने ट्रंप से क्या कहा
ट्रंप ने कहा, 'सऊदी अरब, UAE, कतर और ईरान ने ऐसा करने को कहा. हम पूरी तरह तैयार थे. ईरान पर बहुत बड़ा हमला होता, लेकिन जब सहयोगी देश इसे टालने के लिए कहते हैं, तो आपको सोचना पड़ता है, देखते हैं क्या होता है. और उनके ऐसा कहने की वजह यह है कि उन्हें लगता है कि कोई डील हो सकती है. होर्मुज पर एक डील हो सकती है, फिर न्यूक्लियर मामले पर भी डील होगी. मैं इसे ईरान का डी-न्यूक्लियरइजेशन (परमाणु हथियार खत्म करना) कहता हूं... हम अभी रुके हुए हैं. हम जब चाहें ऐसा कर सकते हैं.'
ट्रंप ने कहा, 'ईरान ने भी हमसे जोर देकर कहा है कि वे डील करना चाहते हैं. अब, मुझे नहीं पता कि वे क्या कहते हैं क्योंकि कई बार वे मुझसे कुछ कहते हैं और फिर जाकर कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं. वे नहीं चाहते कि उन पर हमला हो. उन्हें हमले की गंभीरता का अंदाजा था क्योंकि वे इसे होते हुए देख रहे थे.'
अमेरिका-ईरान के बीच फिर से होगी बातचीत
उन्होंने आगे कहा, 'अब हम नेगोशिएशन के जरिए उनसे बात कर रहे हैं. यह कल दोपहर शुरू होगी. मैं ऐसा करना पसंद करूंगा. इससे बहुत सारी जानें बचेंगी. बहुत सारी बेकार की ताकत का इस्तेमाल बचेगा. इसे दोबारा बनाने में बहुत साल लग जाते हैं. सच कहूं तो, सऊदी अरब भी नहीं चाहता था कि ऐसा (हमला) हो.'
अमेरिकी राष्ट्रपति कहा, 'मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता. मैंने सऊदी अरब के किंग और क्राउन प्रिंस से पूछा. मैंने कहा, क्या आप चाहेंगे कि हम ऐसा करें या नहीं? उन्होंने कहा, हम एक डील को ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि आपको नहीं पता कि ये हमले कहां तक जाएंगे. मेरा मतलब है, उनके देश में लोगों की बाढ़ आ जाएगी और यह एक बड़ी मुसीबत होगी. बहुत सी बुरी चीजें हो सकती हैं.'
ईरान ने ट्रंप के दावों को बताया गलत
तेहरान ने ट्रंप के दावों को गलत ठहराया है. उसने कहा है कि अमेरिका के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होने वाला है. अहम बात यह भी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज भी नहीं खुलेगा. ईरान का कहना है कि हॉर्मुज जैसा युद्ध से पहले था, वैसा अब नहीं होने वाला है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, 'अगर अमेरिकी कोई दुस्साहस करते हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से करारा जवाब मिलेगा.'
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