अमेरिका ने भारत को 'गाज़ा पीस बोर्ड' में शामिल होने का न्योता दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर आमंत्रित किया है. गाज़ा पीस बोर्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना है. इसका मकसद युद्ध के बाद गाज़ा में शासन और वहां हो रहे रिडेवलपमेंट की देख रेख करना है. गाज़ा के लिए ट्रंप ने 16 जनवरी को पीस ऑफ बोर्ड का ऐलान किया था. इसमें 20 बिंदुओं में शांति स्थापित करने का प्लान रखा है. इसे भविष्य में ग्लोबल झगड़ों को सुलझाने के लिए एक मैकेनिज्म के तौर पर देखा जा रहा है. यह न्योते 60 देशों को भेजे गए हैं. इसमें यूरोप के देश भी शामिल हैं.
व्हाइट हाउस ने बोर्ड को लेकर क्या दी जानकारी?16 जनवरी व्हाइट हाउस ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गाज़ा के प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़ गाज़ा (NCAG) के गठन का स्वागत किया. यह गाज़ा संघर्ष को समाप्त करने की उनकी व्यापक योजना के दूसरे चरण को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह योजना क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और समृद्धि के लिए 20-सूत्रीय रोडमैप है.
शांति बोर्ड के दृष्टिकोण को व्यवहार में लाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की अध्यक्षता में एक संस्थापक कार्यकारी बोर्ड का गठन किया गया है. इसमें नियुक्त सदस्य सेक्रेटरी मार्को रूबियो, स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर, सर टोनी ब्लेयर, मार्क रोवन, अजय बंगा, रॉबर्ट गेब्रियल शामिल हैं.
डॉ. अली शाअथ करेंगे NCAG का नेतृत्व
NCAG का नेतृत्व डॉ. अली शाअथ करेंगे. शाअथ एक टेक्नोक्रेटिक नेता हैं. वे गाज़ा में बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों के पुनर्निर्माण और दैनिक जीवन को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभालेंगे, साथ ही दीर्घकालिक, आत्मनिर्भर शासन की नींव रखेंगे. डॉ. शाअथ के पास प्रशासनिक, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय संवाद का अनुभव है. उन्हें उनके व्यावहारिक, तकनीकी नेतृत्व और गाज़ा की संस्थागत वास्तविकताओं की समझ के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त है.
ट्रंप की योजना में क्या भूमिका निभाएगा पीस बोर्ड
यह उपलब्धि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के अनुरूप है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक योजना का समर्थन किया गया और शांति बोर्ड की स्थापना का स्वागत किया गया. शांति बोर्ड राष्ट्रपति की योजना के सभी 20 बिंदुओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इनमें रणनीतिक निगरानी प्रदान करेगा, अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को जुटाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि गाज़ा संघर्ष से शांति और विकास की ओर सफलतापूर्वक आगे बढ़ें.
कार्यकारी बोर्ड का प्रत्येक सदस्य गाज़ा के स्थिरीकरण और दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण, परिभाषित क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेगा. इनमें शासन क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण, बड़े पैमाने पर वित्तपोषण और पूंजी जुटाना शामिल है. लेकिन यह इन्हीं तक सीमित नहीं है. इस संचालन मॉडल के समर्थन में अध्यक्ष ने आर्ये लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबाम को शांति बोर्ड का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया है. वे दैनिक रणनीति और संचालन का नेतृत्व करेंगे और बोर्ड के जनादेश और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को अनुशासित क्रियान्वयन में बदलेंगे.
कार्यकारी बोर्ड के इन सदस्य को नियुक्त किया उच्च प्रतिनिधि
कार्यकारी बोर्ड के सदस्य निकोलाय म्लादेनोव को गाज़ा के लिए उच्च प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है. इस भूमिका में वे शांति बोर्ड और NCAG के बीच जमीनी स्तर पर सेतु का काम करेंगे. वे गाज़ा के शासन, पुनर्निर्माण और विकास के सभी पहलुओं पर बोर्ड की निगरानी में सहयोग करेंगे. साथ ही नागरिक और सुरक्षा स्तंभों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेंगे.
सुरक्षा स्थापित करने, शांति बनाए रखने और आतंक-मुक्त स्थायी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफ़र्स को अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force – ISF) का कमांडर नियुक्त किया गया है. वे सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व करेंगे, व्यापक निरस्त्रीकरण का समर्थन करेंगे और मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.
गाज़ा में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ाने में मदद करेगा कार्यकारी बोर्ड
उच्च प्रतिनिधि कार्यालय और NCAG के समर्थन में एक गाज़ा कार्यकारी बोर्ड की स्थापना की जा रही है. यह बोर्ड प्रभावी शासन और उच्च-स्तरीय सेवाओं की आपूर्ति में सहयोग करेगा, जिससे गाज़ा के लोगों के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा मिले. इनमें स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर,मंत्री हाकान फ़िदान, मंत्री हाकान फ़िदान, अली अल थवाड़ी, जनरल हसन राशद, सर टोनी ब्लेयर, मार्क रोवन, मंत्री रीम अल-हाशिमी, निकोलाय म्लादेनोव, याकिर गबाय, सिग्रिड काग शामिल हैं.
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अमेरिका इस ढांचे के समर्थन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इजरायल प्रमुख अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ घनिष्ठ साझेदारी में व्यापक योजना के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए काम करेगा.