पाकिस्तान काफी समय से खुद को अमेरिका का बेहद करीबी और दोस्त के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रहा है. ईरान जंग में भी खुद को वह बड़े मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की जिस मीटिंग को अरेंज कराने के लिए वह बड़े-बड़े दावे कर रहा था, उन्हें तेहरान ने खारिज कर दिया है. तेहरान ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं करने जा रहा. अब उसको अमेरिका की तरफ से भी बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी संसद की एक रिसर्च रिपोर्ट में पाकिस्तान के आतंकी कारनामों की पोल खुल गई है. रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान लगातार आतंकवादी संगठनों को पनाह देता रहा है. 

Continues below advertisement

यह रिपोर्ट 25 मार्च को आई है, जिसमें पाकिस्तान को आतंकवाद का अड्डा बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान स्थित आंतकी संगठनों को उनके फोकस के आधार पर बांटा गया है, जैसे वैश्विक, भारत केंद्रित, घरेलू या सांप्रदायिक और अफगानिस्तान केंद्रित. रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 संगठन ऐसे हैं, जिन्हें अमेरिका ने विदेशी आतंकवादी संगठन के तौर पर घोषित किया है. 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे संगठनों को भी पाकिस्तान की जमीन पर पनाह मिली हुई है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की तरफ से आतंकी संगठन नामित किया गया है. रिपोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का भी जिक्र है. हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा संगठन का नेतृत्व करता है. 80 के दशक में इस संगठन को बनाया गया था और 2001 में इसको आतंकवादी संगठन घोषित किया गया.

Continues below advertisement

इन दोनों संगठनों के अलावा हरकत-उल जिहाद इस्लामी, हरकत-उल मुजाहिदीन और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का भी नाम है. रिपोर्ट में साफतौर पर लिखा गया कि ये ग्रुप पाकिस्तान में एक्टिव हैं. लश्कर के सहयोगी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट का भी नाम रिपोर्ट में शामिल है. इसी ग्रुप ने पिछले साल कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को अंजाम दिया था. 

22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में अचानक हथियारों के साथ बैसरन घाटी में कुछ आतंकी पहुंचे और उन्होंने टूरिस्ट से उनका नाम और धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी. घटना के वक्त वहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट मौजूद थे, कई न्यूली मैरिड कपल भी वहां थे. इस दौरान ज्यादातार पुरुषों को निशाना बनाया गया था. इस हमले में कई महिलाओं के सुहाग उजड़े थे. इस हमले के जवाब में 6-7 मई की दरमियानी रात को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की दी थी.

 

यह भी पढ़ें:-पत्रकारों से बदसलूकी के मामले में इजरायली सेना का सख्त एक्शन, सस्पेंड कर दी पूरी बटालियन