NYT On Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले की रिपोर्टिंग को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स एक बार फिर विवादों में आ गया है. इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे, जिसके बाद भारत सरकार और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला करार दिया, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में इसे “उग्रवादियों हमला बताया, जिससे अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन की विदेश मामलों की समिति ने असहमति जताई.

समिति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सार्वजनिक रूप से एक तस्वीर साझा की, जिसमें “उग्रवादी” शब्द को काटकर उसकी जगह “आतंकवादी” लिखा गया था. समिति के नेता ने लिखा, “न्यूयॉर्क टाइम्स, हमने आपके लिए इसे ठीक कर दिया है. यह एक आतंकवादी हमला था. जब बात भारत या इजरायल की आती है तो आपका नजरिया वास्तविकता से भटक जाता है.”

दोषियों के खिलाफ एक्शन लेगा भारत

भारत ने इस हमले के तुरंत बाद एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से आतंकवादी हमला कहा और वादा किया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कैबिनेट कमेटी को दी गई ब्रीफिंग में यह बात सामने आई कि हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था. इस हमले को कश्मीर में हो रहे शांतिपूर्ण चुनावों और विकास की दिशा में हो रही प्रगति को पटरी से उतारने की साजिश माना गया है. भारत सरकार ने पहले भी कई बार लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के खिलाफ सबूत पाकिस्तान को सौंपे हैं, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला.

 उग्रवाद और आतंकवाद का अंतर

उग्रवाद और आतंकवाद दो अलग अवधारणाएं हैं, जिन्हें स्पष्ट रूप से समझने की आवश्यकता है. उग्रवाद किसी राष्ट्र के भीतर की असहमति और सशस्त्र विरोध का रूप हो सकता है, जो राजनीतिक परिवर्तन की मांग करता है. जबकि आतंकवाद में एक सुनियोजित हिंसा के जरिए किसी राष्ट्र को अस्थिर करना और आम जनता में डर पैदा करना होता है. ये सीमापार से मिलने वाले समर्थन और वैश्विक एजेंडों के साथ जुड़ा हो सकता है.